धामी सरकार के तीन साल, ये ऐतिहासिक फैसले बने नजीर, कानून व्यवस्था अब भी बड़ी चुनौती

Share this news

DEHRADUN: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो सरकारों में तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस कार्यकाल में सीएम धामी ने कई महत्वपूर्ण और सख्त फैसले लिए हैं। पेपर लीक के दाग और कानून व्यवस्था की चुनौती के बीच धामी सरकार ने नकल विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, सामान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून बनाकर नई इबारत लिखी है। उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन से राज्य में निवेश के नए द्वार खोले हैं। उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी के मुद्दे पर धामी सरकार ने गंभीरता से काम किया और 3 साल में 7600 से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी हैं। स्वरोजगार के क्षेत्र में भी नई नीतियां लाकर हजारों युवाओं व महिलाओं को स्वावलंबी बनाया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि प्रिय प्रदेशवासियों,आप सभी के स्नेह, समर्थन और आशीर्वाद से मुख्यसेवक के रूप में आज 3 वर्ष पूर्ण हुए हैं। जन-जन की आशाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप इन वर्षों में देवभूमि उत्तराखण्ड के विकास और जनकल्याण के लिए निरंतर समर्पित होकर कार्य किया है और आगे भी इसी प्रकार प्रदेशवासियों के सर्वांगीण और सर्वस्पर्शी विकास के लिए कार्य करता रहूंगा। सुशासन के मार्ग पर चलते हुए उन्नति और समृद्धि की यह धारा निरंतर बहती रहे इसके लिए पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रहा हूं। आइए हम सभी मिलकर सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में सहभागी बनें। एक बार पुनः आप सभी का कोटि-कोटि आभार

आइये नजर डालते हैं धामी सरकार के कुछ बडे फैसलों पर

 

  1. समान नागरिक संहिता

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक लागू किया गया। इससे सभी को समान अधिकार मिलेंगे।

  1. नकल विरोधी कानून

प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया। इस कानून के लागू होने के बाद पारदर्शिता के साथ समय पर परीक्षाएं संपन्न हो रही हैं।

  1. धर्मांतरण विरोधी कानून

उत्तराखंड में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिये एक सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया। अब प्रदेश में जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने या करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।

 

  1. दंगारोधी कानून

प्रदेश में दंगारोधी कानून को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। अब दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही दंगे में होने वाली सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई भी दंगाइयों से ही की जाएगी। इसके लिए क्लेम ट्रिब्यूनल का गठन कर दिया गया है।

 

  1. लैंड जिहाद

लैंड जेहाद पर कार्यवाही करके देवभूमि उत्तराखंड में सुख, शांति और अमन-चैन सुनिश्चित किया है। लैंड जिहाद के तहत की गई कार्यवाही के दौरान प्रदेश में करीब 5 हजार एकड़ सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है।

 

  1. महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण

प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सरकारी नौकरी में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। इससे महिला सशक्तिकरण को और अधिक बल मिलेगा।

 

  1. राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण

लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके सभी आश्रित पात्रों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया।

 

  1. बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

राज्य में निःशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निःशुल्क सुविधा दी जा रही है। हरिद्वार में सुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज का निर्माण प्रगति पर। ऊधमसिंह नगर जिले में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाईट सेंटर का कार्य गतिमान है।

 

  1. 9. उत्तराखंड ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट

उत्तराखंड ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में विभिन्न देशों के उद्योगपतियों द्वारा 3.56 लाख करोड़ के 1,779 एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं। राज्य सरकार 20 फीसदी करार को धरातल पर उताकर अब तक 71 हजार करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउंडिंग की जा चुकी है।

 

  1. 10. नई खेल नीति

उत्तराखंड में नई खेल नीति को लागू कर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस नीति के तहत ओलंपिक खेल में पदक लाने वाले खिलाड़ियों को ग्रुप-B पद (ग्रेड पे-5400) पर और ओलंपिक खेल में प्रतिभाग करने वाले एवं विश्व चैंपियनशिप, विश्वकप, एशियन खेल एवं राष्ट्रमंडल खेल के पदक विजेता खिलाड़ी को सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दी जा रही है। इसके साथ 8 से 14 साल तक के खिलाड़ियों को शारीरिक टेस्ट और दक्षता के आधार पर हर महीने 1500 रुपये एवं 14 से 23 साल तक के 2600 मेधावी खिलाड़ियों को 2000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

 

  1. 11. युवाओं को रोजगार

प्रदेश में पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं संपन्न करवाकर सरकारी पदों पर लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तीन साल के कार्यकाल में रिकार्ड 7644 युवाओं को पुलिस, दूर संचार, रैंकर्स, आबकारी विभाग, पशुपालन, रेशम, शहरी विकास, वन विभाग, परिवहन विभाग, परिवहन निगम, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग में एलटी, पेयजल निगम, विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार, अनुदेशक, सचिवालय रक्षक, मत्स्य विभाग में रोजगार दिया गया है। इसके साथ ही 19 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी और विभिन्न रोजगार मेलों के जरिए युवाओं को नौकरी दिलाई जा रही है।

  1. 12. मानसखंड कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर

केदारखंड के साथ-साथ मानसखंड कॉरिडोर के तहत कुमांऊ क्षेत्र के मंदिरों का भी विकास कर रहे हैं। वहीं हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ ही शारदा कॉरिडोर की प्रक्रिया भी गतिमान है।

 

  1. नई फिल्म नीति

प्रदेश में उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 को मंजूरी दी गई है। नई फिल्म नीति के बाद उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग का क्रेज बढ़ेगा। इस नीति में क्षेत्रीय फिल्मों की शूटिंग पर दो करोड़ तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके साथ ही नई फिल्म नीति में फिल्म विकास परिषद का गठन करने का प्रस्ताव है।

तीन साल में धामी सरकार के सामने आई ये चुनौतियां

1.कानून व्यवस्था

धामी सरकार के तीन साल के कार्यकाल में कानून व्यवस्था का मुद्दा हावी रहा।अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर नानकमत्ता में डेरा प्रमुख की हत्या और देहरादून में दिन दहाड़े लूट की घटना से कानून व्यवस्था पर सवाल उठे। हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने में दंगे भड़के। हालांकि धामी सरकार ने दंगों पर फौरन नियंत्रण पा लिया।

  1. गैरसैंण गैर हुआ

दूसरी बार धमाकेदार बहुमत के साथ शपथ लेने वाली धामी सरकार जनभावनाओं के केंद्र गैरसैंण में इस साल विधानसभा सत्र नहीं करवा सकी। आम लोगों को गैरसैंण में बजट सत्र होने की उम्मीद थी, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक ठंड का बहाना बनाकर गैरसैंण से कन्नी काटते रहे।

  1. पेपर लीक प्रकरण

एक के बाद एक कई परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाओं ने धामी सरकार पर दाग लगाए। हालांकि सरकार ने संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करके उन्हें पारदर्शिता के साथ दोबारा करवाने की ओर कदम बढ़ाए। सख्त नकल विरोधी कानून बनाया। लेकिन पेपर लीक के आरोपी आज जमानत पर खुले घूम रहे हैं।

  1. युवाओं पर लाठीचार्ज

फऱवरी 2023 में परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और घोटालों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर परेड ग्राउंड में हजारों युवा प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हो गई, जिसके बाद पत्थरबाजी हुई औऱ पुलिस ने युवाओं पर लाठियां भांजी। इस घटना की चारों ओर निंदा हुई। कई युवाओं पर मुकदमे भी दर्ज हुए

 

(Visited 54 times, 1 visits today)

You Might Be Interested In