टनल में फंसी 41 जिंदगियों को बचाने के ये हैं 5 प्लान, नितिन गडकरी ने लिया रेस्क्यू कार्यों का जायजा

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UTTARKASHI: 12 नवंबर को हुए सिलक्यारा टनल हादसे को 8 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक टनल में फंसे मजदूरों को नहीं निकाल जा सका है। अब पीएमओ के अफसरों और एक्सपर्ट ने 41 जिमदगियों को बचीना के लिए 5 प्लान तैयार किए हैं जिन पर एक साथ तेजी से काम हो रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी घटनास्थल का दौरा किया और रेस्क्यू कार्यों का अपडेट लिया।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आज जोपहर को सिलक्यारा पहुंचे यहां उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े अधिकारियों की बैठक ली और रेस्क्यू का अपडेट लिया। उनके साथ मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी मौजूद रहे। गडकरी ने टनल के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग के कामर्यो का भी जायजा लिया। गडकरी ने कहा कि सभी एजेंसियां तन मन धन से मजदूरों को बचाने में लगी हैं और हमें उम्मीद है कि सभी 5-6 प्लान पर एक साथ का करके अगले दो से ढाई दिन में सभी मजदूरों को सुरक्षित निकाल लेंगे।

इन पांच प्लान परहो रहा काम

टनल से मजदूरों को निकालने के लिए अब तक टनल में ड्रिल करके मजदूरों तक पहुंच बनाकर पाइप से बाहर निकालन पर विचार हो रहा था। इसलके लिए पहले साधारण ऑगर मशीन और फिर अमेरिकन ऑगर मशीन मंगाई गई। लेकिन 22 मीटर ड्रिलिंग के बाद अमेरिकन ऑगर ठप हो गई। ऐसे में अब प्लान सी, डी और ई पर भी काम चल रह है। पीएमओ के अफसरों ने तमाम इंजीनियरों, टनल एक्सपर्ट के साथ मिलकर पांच प्लान तै.र किए हैं। अब टनल में वर्चिकल ड्रिलिंग का भी सहारा लिया जाएगा। इसके अलावा टनल के दूसरे छोर पर भी ड्रिलिंग की जाएगी। टनल के के समांतर ड्रिलिंग का भी ऑप्शन रखा गया है।

पहला प्लान- ऑगर ड्रिलिंग

सूत्रों की मानें तो ऑगर ड्रिलिंग मशीन से ड्रिलंग जडारी रहेगी। इसके लिए इंदौर से एक और मशीन मंगाई गई है जिसके लिए जल्द ही प्लेटफटर्म तैयार होगा और ये काम करना शुरू कर देगी। इसके बाद पाइप के सहारे मजदूरों  निकाला जाएगा।

दूसरी प्लान- टनल के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग

रेस्क्यू ऑपरेशन का आठवां दिन है. इसके बावजूद अब तक सुरंग में फंसे किसी भी मजदूर को बाहर नहीं निकाला जा सका है. ऐसे में टनल के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग करके टनल में उतारने का प्लान तैयार किया गया है। ड्रिलिंग करके खाने-पीने का सामान ऊपर से कैसे भेजा जाए, इसके लिए जियो मैपिंग की जा रही है. नार्वे, थाइलैंड समेत कई एक्सपर्टों की टीम इस वक्त टनल पर पहुंची हुई हैं और मजदूरों को बाहर निकालने की रणनीति बना रही हैं.। रास्ता बनाने का काम जोरों से चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आज रात तक वर्टिकल ड्रिलिंग का काम शुरू हो जाएगा। इसमें टनल के ऊपर से दो छेद बनाए जाएंगे, एक के जरिए खाने पीने का सामान और जरूरी दवाएं मजदूरों तक पहुंच्ई जाएंगी, जबकि दूसरे छेद से मजदूरों को निकालने के लिए पाइप डाला जाएगा।

तीसरा प्लान- टनल के दूसरे छोर से खुदाई

भास्कर खुलबे ने बताया कि एक और प्लान के तहत टनल के दूसरे सिरे से भी ड्रिलंग करना है। अब बड़कोट की तरफ से रेस्क्यू की शुरुआत हो गई है।

चौथा-पांचवा प्लान- समांतर सुरंग

पीएमओ का चौथा और पांचवा प्लान ये है कि मौजूदा टनल के साथ-साथ दोनों तरफ से परपेंडीकुलर तरीके सुरंग बनाई जाएगी।

रेस्क्यू ऑपरेशन में पीएमओ की तरफ से जिन एजेंसियों मदद ली जा रही है. वो ओएनजीसी, आरवीएनएल, जल विकास निगम लिमिटेड, बॉर्डर्स रोड आर्गेनाइजेशन, स्टेट पीडब्ल्यूडी और एनएचआईडीसीएल है. इसके साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन भी इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी तरह जुटेहैं।

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