इस्माइल, अरमान की सनातन धर्म में घर वापसी, हिंदू धर्म में लौटकर दोनों भाई बने आर्यन और अंकुश

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KOTDWAR:  एक तरफ तमिलनाडु के सीएम के बेटे उदयनिधि के बयान पर सियासी बवाल मचा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड में दो मुस्लिम युवकों ने सनातन धर्म में घर वापसी की है। पौड़ी के लैंसडाउन में दो सगे भाइयों इस्माइल और अरमान ने इस्लाम त्यागकर हिंदू धर्म अपना लिया है। दोनों ने अंकुश और आर्यन नाम भी अपना लिया है।

जयहरीखाल की रहने वाली सीता देवी ने शम्मी नाम के मुस्लिम से शादी की थी, जिससे उनके दो बेटे इस्माइल और अरमान हुए थे। सीता सनातन से जुड़ी रहीं और हिंदी रीति रिवाजों को नहीं छोड़ा। जबकि शम्मी ने इसी वजह से शादी के बाद दोनों बच्चों और हिंदू पत्नी को छोड़ दिया। सीता अपने बच्चों को हिंदू संस्कार और वेदों की शिक्षा देती रही।

24 साल के इस्माइल और 20 साल के अरमान का जीवन जयहरीखाल कस्बे में बीता है। 3 सितम्बर को इस्माइल और अरमान ने कोटद्वार के आर्य समाज मंदिर में वैदिक मन्त्रों के साथ हमेशा के लिए हिन्दू धर्म अपना लिया। इस दौरान दोनों का यज्ञोपवीत संस्कार हुआ। हिन्दू धर्म अपनाने के बाद दोनों भाइयों को अंकुश और आर्यन दिया गया।

इस्माइल और अरमान की जहारीखाल में कपड़ों की दुकान है। लैंसडाउन की मूल निवासी सीता का निकाह 30 साल पहले शम्मी नाम के व्यक्ति से हुआ जिसके दस साल बाद शम्मी ने सीता को छोड़ दिया । निकाह के बाद उन्होंने चार बच्चों को जन्म दिया जिनमे से दो बेटियाँ और दो बेटे हैं। सीता की बेटियों के नाम सोना और शीबा हैं। आपको बता दें कि दोनों बेटियों कि शादी भी सीता ने हिन्दू रीति रिवाज़ से करवाई।

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