केदारनाथ मार्ग पर पशुओं से हो रहा अन्याय, अब तक करीब 100 घोड़े खच्चरों की मौत, मंदाकिनी में फेंके जा रहे पशुओं के शव

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Rudraprayag: चारधाम यात्रा चरम पर है। केदारनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लेकिन इसके बीच ऐसी तस्वीरें आई हैं, जिनसे मानवीयता पर सवाल उठते हैं। दरअसल केदारनाथ मार्ग पर यात्रियों को ढो रहे घोड़े खच्चरों की उचित देखभाल नहीं हो रही है, जिससे अभी तक करीब 100 पशु दम तोड़ चुके हैं। (Mules and horses dying on kedarnath marg) घोड़ा खच्चर मालिक इनके शवों को मंदाकिनी में फेंक दे रहे हैं, जिससे बीमारियों के पनपने का भी खतरा मंडरा रहा है।

केदारनाथ धाम के 18 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर घोड़ा खच्चर यात्रा का प्रमुख साधन होते हैं। पैदल यात्रियों के बाद सबसे ज्यादा लोग घोड़े खच्चरों पर ही मंदिर तक पहुंचते हैं। अब तक सवा लाख से ज्यादा यात्री घोड़े खच्चरों से  दर्शनों को पहुंचे हैं। करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर इन पशुओं के लिए खाने पीने की उचित इंतजाम नहीं हो पा रहे हैं। भूसा, चना औऱगर्म पानी की व्यवस्था में काफी परेशानी होती है। दूसरी तरफ हॉकर पैसे कमाने के लिए एक दिन में दो दो बार घोड़े खच्चरों को पैदल मार्ग पर रवाना कर देते हैं। ऊपर से पल पल बदलता मौसम इंसानों के साथ जानवरों की भी परीक्षा ले रहा है। यात्रा मार्ग पर थकान औऱ मौसम की मार से घोड़े खच्चर दम तोड़ रहे हैं। अब तक करीब 100 घोड़े खच्चरों की यात्रा मार्ग पर मौत हो चुकी है।

घोड़ा-खच्चर संचालक बड़ी लापरवाही बरत रहे हैं।  यात्रा मार्ग पर मर रहे घोड़े खच्चरों का सही से दाह संस्कार भी नहीं हो पा रहा है। उनके शव सीधे मंदाकिनी नदी में फेंके जा रहे हैं। इससे महामारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे जिनमें केदारनाथ के रास्ते पर मृत खच्चरों को देखा जा सकता है। वीडियो में कुछ लोग मृत पशुओं को नदी में फेकंते हुए भी देखे जा सकते हैं। हालांकि इस मुसले पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने संज्ञान लेते हुए डीएम को सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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