भाजपा के दो नेताओं में मेडिकल कॉलेज पर किचकिच, नई टिहरी में स्थानीय लोगों का जोरदार प्रदर्शन
TEHRI: टिहरी जिले में मेडिकल कॉलेज के प्रस्तावित स्थान को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। दो साल पहले नई टिहरी के इणिया में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि चयनित कीगई थी, लेकिन अब इसे नरेंद्रनगर विधानसभा के पिफल्टी में देखा जा रहा है। इस बात से जहां स्थानीय जनता में आक्रोश है, वहीं भाजपा के टिहरी से दो बड़े नेता आपस में टकराते दिख रहे हैं। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने चेतावनी दी है कि इणिया में मेडिकल कॉलेज के लिए जान भी देनी पड़े तो पीछे नहीं हटूंगा।
बता दें कि किशोर उपाध्याय लंबे समय से इणिया में मेडिकल कॉलेज की मांग करते रहे हैं। दो साल पहले 31 जुलाई 2024 को इणिया में भूमि का चयन भी हो चुका है। किशोर उपाध्याय इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताते रहे हैं। लेकिन लगता है कि भाजपा सरकार के स्वास्थ्यमंत्री ही उनकी उम्मीदों पर पानी फेर सकते हैं।
पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने इणिया के बजाए नरेंद्र नगर विधानसभा के पिफल्टी में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन चुनी। अभी मेडिकल कॉलेज कहां बनेगा ये तय नहीं है, लेकिन भाजपा के दो नेता खुलकर टकराव की स्थिति में हैं। किशोर उपाध्याय इसे हरगिज टिहरी से बाहर नहीं जाने देना चाहते, जबकि सुबोध उनियाल नरेंद्रनगर के खाते में ये उपलब्धि दर्शाना चाहते हैं। जाहिर है कि जैसे जैसे चुनाव आएंगे दोनों नेताओं के बीच क्रेडिट को लेकर बयानबाजी भी तेज होती जाएगी औऱकहीं न कहीं इसकी शुरुआत हो भी चुकी है।
वितंडावाद को हवा दे रहे कुछ लोग- किशोर
इस मामले पर टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि नई टिहरी के इणिया में मेडिकल कॉलेज के लिए दो साल पहले भूमि चयनित कर दी गई थी। लेकिन कुछ लोगों ने व्यवधान डालने का काम किया है और किसी अन्यत्र स्थान पर मेडिकल कॉलेज की बात कही जी रही है। किशोर उपाध्याय ने कहा कि लोगों से राय ली गई थी कि पूरे जिले में ऐसी कौन सी जगह है जहां मेडिकल कॉलेज बनना चाहिए। सभी लोगों ने प्रस्ताव दिया और अधिकतर ने टिहरी के पक्ष में दिया लेकिन नरेंद्रनगर क्षेत्र से इस बाबत कोई प्रस्ताव नहीं आया।
किशोर उपाध्याय ने कहा कि इणिया में मेडिकल कॉलेज बने इसकी रक्षा के लिए लोगों में जो आक्रोश दिख रहा है वो जायज है। किशोर उपाध्याय ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टिहरी को इंटरनेशलन डेस्टिनेशन बनाना चाहते हैं, इसलिए वहां स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज की आवश्यक्त है। किशोर ने तंज किया कि कुछ लोगों को प्रधानमंत्री का टिहरी दौरा पच नहीं रहा है, इसलिए वे वितंडावाद खड़ा कर रहे हैं। टिहरी के लोगों को बांटने का काम मत करिए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि प्राण देकर भी यदि मेडिकल कालेज की रक्षा करनी पड़ीं तो किशोर उपाध्याय वह भी करेगा। यानी किशोर उपाध्याय ने नाम लिए बगैर स्वास्थ्यमंत्री को सीधी चेतावनी दे दी है।

लोगों में आक्रोश
उधर टिहरी मेडिकल कॉलेज के प्रस्तावित स्थान को लेकर जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और जन संगठनों से जुड़े लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण जिला मुख्यालय के आसपास ही होना चाहिए, ताकि पूरे जनपद के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस बाबत लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।

आंदोलनकारियों का कहना है कि नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज बनाने की पहले घोषणा की जा चुकी थी और उसके लिए भूमि चयन सहित प्रारंभिक प्रक्रियाएं भी शुरू हो चुकी थीं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय जनभावनाओं के विपरीत है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूर्व निर्धारित स्थान, जिला मुख्यालय के निकट ही किया जाए, जिससे टिहरी के दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।