सोनप्रयाग- केदारनाथ रोपवे की राह हुई आसान, वन्यजीव बोर्ड ने दी मंजूरी, 25 मिनट में तय होगा सफर

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DEHRADUN:  केदारनाथ धाम पहुंचना अब और भी आसान होगा। केदारनाथ धाम को रोपवेसे जोड़ने की  दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में सोनप्रयाग से केदारनाथ,  गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब और हरिद्वार में हरकी पैड़ी से चंडी देवी तक रोपवे परियोजनाओं (Land transfer for kedarnath rope way approved by wildlife board) के लिए वन भूमि हस्तांतरण के प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। केदारनाथ में रोपवे निर्माण होने पर सोनप्रयाग से मात्र 25 मिनट में केदारनाथ धाम पहुंचा जा सकेगा।

वन्यजीव बोर्ड की बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। केदारनाथ के लिए प्रस्तावित रोपवे की लंबाई 11.5 किमी है। इसका निर्माण होने पर यह विश्व के सबसे लंबे रोपवे में शामिल हो जाएगा। इससे सोनप्रयाग से केदारनाथ तक की दूरी 25 मिनट में तय हो सकेगी। केदारनाथ रोपवे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिस पर लंबे समय विचार विमर्श चल रहा है। केदारनाथ के साथ हेमकुंड साहिब और चंडी देवी रोपवे के लिए भी प्रस्ताव पर सहमति बनी है। अब ये प्रस्ताव केंद्र को भेजे जाएंगे। बैठक में केदारनाथ धाम में रामबाड़ा से गरुड़चट्टी के बीच 5.35 किलोमीटर लंबे खच्चर मार्ग के निर्माण के लिए वन भूमि देने के प्रस्ताव पर सहमति दी इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि राज्य स्तर से अनुमोदन के बाद केंद्र को भेजे जाने वाले प्रस्तावों का लगातार फालोअप किया जाएगा और आवश्यकता होने पर इसके लिए विशेष अधिकारी की नियुक्ति किए जाएंगे। बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम को प्रभावी कदम उठाने, फसलों को बंदरों से बचाने को यथासंभव तकनीक का उपयोग करने के साथ ही समस्या का स्थायी समाधान खोजने, हरेला पर्व पर फलदार पौधों के रोपण को महत्व देते हुए इस पर्व को जन-जन का उत्सव बनाने पर भी जोर दिया गया।

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