चारधामों में 200 मीटर के दायरे में मोबाइल पर बैन, रील बनाने वालों पर रहेगी नजर, बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगी एंट्री

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DEHRADUN:  चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से प्रशासन को व्यवस्था बनाने में पसीने छूट रहे हैं। दूसरी तरफ रील और वीडियो के जरिए मंदिरों का शांत वातावरण प्रभावित किया जा रहा है। लिहाजा सरकार ने अब कडे फैसले लिए हैं। इसके तहत मंदिर परिसर के 200 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन का प्रयोग बैन किया गय है। साथ ही मंदिर परिसर में रील बनाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। इसके अलावा दूसरे राज्यों के मुख्य सचिवों को भी पत्र लिखा जा रहा है कि वे बिना पंजीकरण कराए अपने प्रदेश को लोगों को चारधा मयात्रा पर न भेजें।

चारधाम यात्रा पर अव्यवस्थाएं सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और मुख्य सचिव को अधिकारियों को यह निर्देश देने पड़े कि अधिकारी चारों धामों में ही कैंप करेंगे। सचिव स्तर के अधिकारियों को चारधाम यात्रा की मॉनिटरिंग के लिए लगातार कहा जा रहा है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि चारधाम में मंदिरों के 200 मीटर के दायरे में किसी तरह के मोबाइल का प्रयोग नहीं होगा। क्योंकि मोबाइल प्रयोग करने से भी यात्रा में व्यवधान पैदा हो रहा है। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु मंदिर के आसपास ना तो कोई वीडियो बना पाएंगे और ना ही मोबाइल का किसी तरह से प्रयोग कर सकेंगे। अब मंदिर के 200 मीटर के दायरे में अगर कोई भी श्रद्धालु मोबाइल का प्रयोग करता हुआ दिखाई देगा, तो न केवल पुलिस उसको रोकेगी, बल्कि हो सकता है कि उसके ऊपर कार्रवाई भी हो जाए। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि मंदिर के 200 मीटर के दायरे में किसी तरह का कोई भी मोबाइल श्रद्धालु प्रयोग ना करें।

उधर बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी चारधाम यात्रा पर नहीं जा सकेगा। उत्तराखंड शासन ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर यह कहा है कि वह अपने-अपने राज्यों में इस बात का प्रचार और प्रसार करें कि कोई भी श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर बिना पंजीकरण के ना आए।  जिन लोगों का पंजीकरण हो गया है, वह उन तारीखों में आएं, जिन तारीखों को पंजीकरण में दर्शाया गया है। बिना पंजीकरण आने वाले लोगों और वाहनों को बैरंग लौटाया जाएगा।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आने वाले श्रद्धालुओं से संयम बरतने और प्रशासन का साथ देने की भी अपील की है। मुख्य सचिव ने कहा है कि यात्रा में हर साल की तुलना इस साल भी भीड़ अधिक पहुंच रही है. ऐसे में हमने यह फैसला लिया है कि बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा करने वालों को रोका जाएगा। अब हम जगह-जगह पर गाड़ी की चेकिंग और श्रद्धालुओं से बातचीत करके ही उन्हें आगे भेजेंगे, ताकि चारों धामों पर अचानक भीड़ न बढ़े। कुछ ही दिनों में यात्रा पटरी पर आ जाएगी। इसके साथ ही शासन ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी तरह की अफवाह या गलत वीडियो चलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

 

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