पीपलकोटी के बाद अब तपोवन टनल में भी रिसने लगा पानी, कंपनी ने श्रमिकों को हटाया
CHAMOLI: पीपलकोटी में टीएसडीसी की सुरंग हादसे में अभी भी दो लापता मजदूरों की तलाश जारी है. इस बीच पीपलकोटी से कुछ दूर स्थित एनटीपीसी की एक टनल में भी पानी के रिसाव की खबरें सामने आई हैं। फिलहाल कंपनी ने एहतियात बरतते हुए यहां काम कर रहे सभी श्रमिकों को हटा दिया है।
दरअसल एनटीपीसी द्वारा निर्माणाधीन तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की तपोवन सुरंग में कैविटी बनने से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद लोगों में चिंता बढ़ गई। हालांकि, परियोजना कंपनी ने इसे सामान्य घटना बताया है और किसी संभावित खतरे से इनकार किया है। कंपनी के अनुसार, कैविटी का ट्रीटमेंट किया जा रहा है और एहतियात के तौर पर श्रमिकों को प्रभावित क्षेत्र से हटा दिया गया है।
एनटीपीसी के मुताबिक 15 अगस्त की सुबह टनल के अंदर छोटी कैविटी दिखाई दी। प्रबंधन ने इसे टनलिंग के दौरान बनने वाली सामान्य स्थिति बताया है और कहा है कि इससे किसी तरह के खतरे की बात नहीं है। हालांकि सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित हिस्से में काम रोक दिया गया है। एनटीपीसी का कहना है कि कैविटी का उपचार पूरा होने के बाद ही उस हिस्से में टनलिंग का काम दोबारा शुरू किया जाएगा। फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
एनटीपीसी सुरंगों ने पहले भी हादसे झेले
तपोवन में परियोजना की वही जगह है, जहां 7 फरवरी 2021 की भीषण रैणी आपदा ने भारी तबाही मचाई थी। रौंठी ग्लेशियर टूटने के बाद ऋषिगंगा और धौलीगंगा का सैलाब एनटीपीसी टनल के कई किलोमीटर भीचर तक घुस गया था। इस हादसे में ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह तबाह हो गया था। हादसे में 206 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
दिसम्बर 2009 में भी इस परियोजना की टीबीएम साइट वाली सुरंग में चट्टान गिरने से पानी का प्राकृतिक सोता फूट गया था..जिससे 600 लीटर प्रति सेकेंड पानी का रिसाव होने लगा जिसके बाद परियोजना का कार्य वर्षों रुका रहा।
2012 में भी परियोजना की सुरंग में पानी का रिसाव हुआ। जिसके बाद एलएंडटी कम्पनी ने परियोजना का ठेका छोड़ दिया ।