नैनीताल में पहचान छिपाकर रह रहे रोहिंग्या, बाहरी लोगों ने किए अवैध कब्जे, सीएम दरबार में पहुंचा मामला

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Dehradun/Nainital:  उत्तराखंड के तराई और पहाड़ी क्षेत्रों में डेमोग्राफी लगातार बदल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धाम के पास भी एक ऐसा ही गंभीर मामला पहुंचा है। बीजेपी नेता नितिन कार्की और पालिका सभासद मनोज जोशी ने मुख्यमंत्री धामी को चिट्ठी लिखी है। जिसमें कहा गया है कि नैनीताल जिले के कई क्षेत्रों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या समुदाय के लोगों का अवैध कब्जा बढ़ता जा रहा है। इससे क्षेत्र की डेमोग्राफी के लिए बडा खतरा पैदा हो गया है।

खुफिया एजेंसियों के आगाह करने के बाद हाईकोर्ट के वकील व बीजेपी नेता नितिन कार्की और पालिका सभासद मनोज जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मुलाकात कर इन बड़े मुद्दों से सरकार को अवगत कराया है। कार्की और जोशी ने सरकारी ज़मीनों पर विशेष समुदाय की अवैध घुसपैठ पर कार्रवाई की मांग करते हुए इन लोगों के रोहिंग्या और बांग्लादेशी होने की भी आशंका जताई है। उन्होंने यह भी कहा है कि रामपुर, मुरादाबाद, स्वार, दडियाल, सहारनपुर, बिजनौर के लोग भी शहर में पहचान छुपाकर रह रहे हैं। यही नहीं, जगह जगह टीन शेड ठोककर सरकारी ज़मीनों पर मकान तक खड़े कर रहे हैं।

कार्की ने कहा, ‘सरकारी ज़मीनों के साथ ही स्थानीय लोगों के रोज़गार पर भी बाहरी लोग कब्ज़ा कर रहे हैं। पहचान छुपाकर रहने वाले ये लोग शहर के लिए खतरा हैं, लिहाज़ा कार्रवाई ज़रूरी है।’ पत्र में बताया गया है कि बाहरी लोग रेहड़ी पटरी लगाने से लेकर कबाड़ और टैक्सी का कारोबार कर रहे हैं। शहर के कृष्णापुर, बूचड़खाना, सूखाताल, हरिनगर, बारापत्थर, सीआरएसटी स्कूल के पीछे वाले इलाकों में इनकी तेज़ी से बसाहट भी हुई है। इन लोगों को बाहरी कहते हुए आरोप लगाया गया है कि नैनीताल के साथ ही भीमताल, भवाली और रामगढ़, मुक्तेश्वर तक ये फैल रहे हैं और यहां आपत्तिजनक घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं।

 

 

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