जम्मू कश्मीर में शहीद हुआ सैन्यधाम का लाल, आतंक विरोधी ऑपरेशन में लेफ्टिनेंट बीरेश्वर ने दिया बलिदान

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ALMORA: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंक विरोधी ऑपरेशन में 5 आसाम राइफल्स के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए हैं। बीरेश्वर अल्मोड़ा के रहने वाले थे। युवा सैन्य अधिकारी के बलिदान की दुखद सूचना से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक निवास पहुंच चुका है जहां उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा।

राजौरी के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में चल रहे अभियान के दौरान 24 साल के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी गहरी खाई में फिसल गए। गंभीर चोटों के कारण उन्होंने वीरगति प्राप्त की।

रविवार की दोपहर तीन बजे बलिदानी का पार्थिव शरीर आर्मी हेलीपैड पहुंचा। जहां सैनिकों ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस दौरान कई लोग मौजूद थे जिन्होंने अपने क्षेत्र के वीर जवान को नमन किया और उनके वीरता के जयकारे लगाए

सेना के मुताबिक, बीरेश्वर जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए हैं। लेफ्टिनेंट गोस्वामी एक तलाशी दल का नेतृत्व कर रहे थे। अभियान के दौरान दुर्गम और संकरी पहाड़ी पर उनका पैर फिसल गया, जिससे वे गहरी खाई में गिर गए। उनके साथियों ने तत्काल बचाव अभियान चलाया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

कैप्टन बीरेश्वर गोस्वामी मूल रूप से बगवालीपोखर क्षेत्र के निवासी थे। उनका परिवार वर्तमान में पांडेखोला में निवास करता है। उनके पिता प्रमोद नाथ गोस्वामी भनोली तहसील में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी व माता सरस्वती देवी बल्सा, हवालबाग में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं।

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