राज्य स्थापना दिवस समारोह में राष्ट्रपति ने ली परेड की सलामी, CM धामी की घोषणा, जल्द लागू होगी महिला नीति

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DEHRADUN: उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस  समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाए दी। राष्ट्रपति ने उत्तराखंड की वीरों और मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद नई पहचान के साथ उत्तराखंड के परिश्रमी लोगों ने राज्य के लिए विकास और प्रगति के नित-नूतन शिखरों पर अपने कदम जमाए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कई घोषणाएं की।

समारोह में परेड की सलामी लेने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भगवान शिव और भगवान विष्णु के आशीर्वाद-स्वरूप देवालयों से पवित्र उत्तराखंड को ‘देव-भूमि’ कहने की परंपरा वंदनीय है। यह पावन धरती देवभूमि के साथ साथ ‘देवी-भूमि’ भी है। राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड की अलग पहचान और स्थापना के लिए संघर्ष करने वाली स्वर्गीय सुशीला बलूनी जी को इस राज्य के सभी निवासी तो याद रखेंगे ही, नारी में संघर्ष की शक्ति के उदाहरण के रूप में उन्हें सभी देशवासी सदैव स्मरण करेंगे। बिशनी देवी शाह ने स्वाधीनता संग्राम के दौरान अपने असाधारण साहस का परिचय दिया था। उन्होंने बछेंद्री पाल, गौरा देवी वंदना कटारिया का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी महिलाओं ने उत्तराखंड की संस्कृति को मजबूत बनाया है। मैं उन सभी वीरों को और वीर-भूमि उत्तराखंड को नमन करती हूं। भारतीय सेना में शामिल होकर भारत-माता की रक्षा करने में यहां के युवा गर्व की अनुभूति करते हैं। राष्ट्र की रक्षा के प्रति उत्साह का यह भाव सभी देशवासियों के लिए अनुकरणीय है।

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड की फिजिकल एवं डिजिटल कनेक्टिविटी निरंतर बढ़ाई जा रही है। भारत की अध्यक्षता में हुए जी 20 से जुड़ी गतिविधियों के क्रम में जी 20 के इन्फ्रस्ट्राक्चर  की एक बैठक ऋषिकेश में सम्पन्न हुई थी। उस बैठक में विश्व-स्तरीय इन्फ्रस्ट्राक्चर के निर्माण से जुड़ी सार्थक चर्चाएं हुईं। उत्तराखंड में इन्फ्रस्ट्राक्चर डेवपलपमेंट तेज गति से हो रहा है। साथ ही, आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखंड में हो रही बहु-आयामी प्रगति से निवेशकों में उत्साह बढ़ रहा है। उत्तराखंड के विकास में ईकॉलॉजी एवं ईकॉनॉमी दोनों पर ज़ोर दिया जा रहा है।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए अमर शहीदों और वीर आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने राष्ट्रपति का हार्दिक आभार और अभिनंदन करते हुए कहा कि उनकी गरिमामयी उपस्थिति से पूरा उत्तराखंड उल्लासित हुआ है। उन्होंने राज्य गौरव सम्मान से सम्मानित होने वाले महानुभावों को भी बधाई दी।

राज्यपाल ने कहा कि हम डिजिटल क्रांति के युग में आगे बढ़ रहें हैं। साइबर सिक्योरिटी हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है इस दिशा में नई से नई टेक्नोलॉजी को सुरक्षा उपायों में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे है।

प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले सभी अमर शहीदों एवं राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भारत माता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड के वीर जवानों को भी उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस के उन शहीद जवानों व अधिकारियों का भी स्मरण किया जिन्होंने प्रदेश एवं समाज में शांति स्थापित करने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए दिन रात कार्य कर रही हैं। हमारी सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जनता के प्रति जवाबदेह है, भरोसेमंद है तथा अपने कार्य में दक्ष है। 23 वर्ष में पहली बार बहुत से काम हुए हैं। 23 वर्ष में पहली बार भर्तियों में घोटाले करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कार्रवाई के लिए हमने नकल विरोधी कानून लागू किया है। 23 वर्ष में पहली बार धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लागू किया गया

जल्द लागू होगी महिला नीति

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश की मातृशक्ति के समग्र विकास एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से हमने ’’महिला नीति’’ बनाई गई है, जिसको शीघ्र ही लागू किया जाएगा।

देवभूमि के भविष्य को सुरक्षित रखने हेतु ’’बाल श्रम उन्मूलन’’ के लिए समस्त विभागों के समन्वय के साथ एक विशिष्ट कार्ययोजना बनाई जाएगी।

ड्रग फ्री उत्तराखंड के स्वप्न को साकार करने के लिए हम ’’नशा मुक्त ग्राम’’ और ’’नशा मुक्त शहर’’ की योजना लाएं हैं, ऐसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

राज्य निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और महिलाएं हमारे राज्य की रीढ़ हैं। जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने हेतु ’’मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह’’ योजना शुरू की जाएगी।जिला स्तर पर इस तरह के आयोजन किए जाएंगे और राज्य सरकार इसकी व्यवस्था करेगी।

 

 

 

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