अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे अंकिता भंडारी के हत्यारे, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिकाएं

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NAINITAL: अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपियों को नैनीताल हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। इस मामले में लोअर कोर्ट से दोषी ठहराए गए पुलिकत आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर की जमानत याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।

प्रदेश सरकार की ओर से की गई मजबूत और प्रभावी पैरवी के चलते आरोपियों को कोई राहत नहीं मिल सकी। सरकार का कहना है कि मामले की शुरुआत से ही जांच और अभियोजन को मजबूत रखने पर जोर दिया गया, ताकि दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिल सके। अंकिता भंडारी हत्याकांड में पहले ही तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। अब जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद सरकार ने इसे न्याय की प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण कदम बताया है।

नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले पर लगातार दो दिनों तक लंबी और गंभीर सुनवाई की. जज रवींद्र मैठाणी और जज सिद्धार्थ शाह की बेंच ने मामले की सुनवाई की इस दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें अदालत के सामने रखीं। बचाव पक्ष के वकीलों ने तीनों दोषियों की जमानत के समर्थन में तमाम तर्क पेश किए और उन्हें राहत देने की मांग की। दूसरी तरफ, अभियोजन पक्ष ने इस जमानत याचिका का जोरदार विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े सभी अहम साक्ष्यों और सबूतों को अदालत के सामने रखा।

बता दें कि 18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश से सटचे गंगा भोगपुर के वनंतरा रिजॉर्ट की रिसेप्सनिस्ट अंकिता भंडारी संदिग्ध हालत में लापता ह गई थी। 24 सितंबर को उसका शव चीला बैराज से बरामद हुआ था। पुलिस ने शक के आधार पर रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्या, मैनेजन सौरभ भाष्कर और स्टाफ में अंकित गुप्ता से पूछताछ की और शक सही होने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। 30 मई 2025 को कोटद्वार कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उमक्रैद की सजा सुनाई थी।

 

 

 

 

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