गढ़वाल यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह, प्रसिद्ध ढोलवादक सोहनलाल को डॉक्टरेट की मानद उपाधि, 4306 छात्र छात्राओं को मिली डिग्रियां

Share this news

Chauras: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में 4300 से ज्यादा छात्र छात्राओं को डिग्रियां वितरित की गई। इस दौरान प्रसिद्ध ढोल वादक सोहनलाल को भी डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा गया। नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल रहे।

समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, ढोल वादक सोहन लाल, कुलाधिपति डॉ. योंगेंद्र नारायण, कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल और कुलसचिव डॉ. अजय खंडूड़ी ने किया। इसके बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर 45 छात्रों ने स्वर्ण पदक, 159 पीएचडी और 4306 स्नातकोत्तर छात्रों को उपाधि प्रदान की गईं। विभिन्न विषयों के मैधावी छात्र-छात्राओं को दान-दाताओं द्वारा भी 14 स्वर्ण पदक एवं नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। हालांकि समारोह में डिग्री लेने के लिए पीएचडी के 82 और स्नातकोत्तर के 246 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण करवाया था।

समारोह का खास आकर्षण ढोलवादक सोहनलाल रहे, जिन्हे लोककला और ढोल सागर में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने सोहनलाल को ‘मानद उपाधि‘ प्रदान करने पर खुशी जताई। उन्होंने लोककला एवं निष्पादन विभाग के प्रो. डी.आर. पुरोहित, जिन्हें हाल ही में 2021 के लिए लोक संगीत और रंगमंच के क्षेत्र में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया को भी बधाई दी।

मुख्य अतिथि डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि पूर्णकालिक छात्र होने के साथ-साथ जीवन में सीखना बंद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक रूप से  भारत प्रमुख ऐतिहासिक परिवर्तन के मुहाने पर है। हम अर्थव्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में दुनिया के अग्रसर हो रहे हैं। युवाओं को प्ररित करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम बाहर निकलें और  राष्ट्रीय हित की दिषा में अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की ओर बढें।

 

 

(Visited 69 times, 1 visits today)

You Might Be Interested In