पैनेसिया अस्पताल के ICU में आग लगने से अफरा तफरी, एक मरीज की मौत, 2 की हालत गंभीर
DEHRADUN: देहरादून के पैनेसिया हॉस्पिटल में बुधवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक बुजुर्ग महिला बीरावती की मौत हो गई है। जबकि दो की हालत गंभीर है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में आग एसी में शॉर्ट सर्किट होने के कारण लगी, जिसके बाद पूरे परिसर में धुआं फैल गया और मरीजों व स्टाफ के बीच हड़कंप मच गया। हादसे में तीन पुलिसकर्मी भी बचाव के दौरान झुलसे हैं। वहीं कुल 11 लोग घायल हुए हैं। घायलों में एक नवजात भी शामिल है।
राजधानी देहरादून के पैनेसिया अस्पताल में आज सुबह 9:30 बजे ICU के लगे AC में आग लगने पूरे ICU में आग लग गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया है,फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
लेकिन आईसीयू में भर्ती मरीजों को कैलाश अस्पताल शिफ्ट किया गया है। कैलाश अस्पताल में लाए गए छह मरीजों में से दो की हालत भी नाजुक बनी हुई है। इस दौरान 55 साल की एक महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एसी में ब्लास्ट होने के कारण अस्पताल में आग लग गई थी।
मौके पर पहुंचे गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि यह अस्पताल पैनेसिया ग्रुप द्वारा लीज पर लिया गया है। सुबह जब ICU में आग लगी तो पूरे अस्पताल में 10-12 अधिक लोग थे। जिस ICU में आग लगी उसने 6 लोग भर्ती थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया और दूसरे अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।
इस घटना के बाद अस्पतालों में सेफ्टी चेक को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दून में अधिकांश निजी अस्पताल और नर्सिंग होम मरीजों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं। सीमित जगह, संकरे रास्ते और कमजोर फायर सेफ्टी इंतजामों के बीच अस्पतालों का संचालन हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। पैनेसिया अस्पताल में हादसे के दौरान अस्पताल में धुआं भर गया और मरीजों को बाहर निकालने के लिए अफरा-तफरी मच गई। कई मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर बाहर लाना पड़ा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अस्पतालों में रोज गंभीर मरीज भर्ती रहते हैं, तब वहां आपदा से निपटने की तैयारी इतनी कमजोर क्यों है
अस्पतालों में लगे बिजली उपकरणों और एयर कंडीशनिंग सिस्टम की मानिटरिंग पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हैरानी की बात यह है कि फायर ऑडिट और माक ड्रिल जैसे जरूरी इंतजाम ज्यादातर जगह सिर्फ फाइलों तक सीमित नजर आते हैं। हादसा होने के बाद प्रशासन सक्रिय होता है, लेकिन कुछ दिन बाद फिर वही लापरवाही शुरू हो जाती है।