हल्द्वानी रामलीला मैदान के शुद्धीकरण का मुद्दा संसद में गूंजा, खड़गे ने की कार्रवाई की मांग
NEW DELHI: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान के शुद्धीकरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को सांसद खड़गे ने संसद में भी उठाया और शुद्धीकरण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
खड़गे ने उच्च सदन में कहा कि पिछले दिनों मैंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया।उस जनसभा में मैंने किसी जाति या धर्म का नाम नहीं लिया, सिर्फ जनता की समस्याओं पर बात की। लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ता है कि मेरे भाषण के बाद BJP के लोगों ने वहां हवन किया और उस स्टेज का शुद्धिकरण करने का काम किया। क्या लोकतंत्र ऐसे चलता है, क्या ये संविधान का मजाक नहीं है?
खड़गे ने आगे कहा कि मैं इस बात को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता। मैंने कभी किसी से यह नहीं कहा कि मैं दलित हूँ, मेरी रक्षा करो और न ही किसी के सामने गिड़गिड़ाया। मुझ में लड़ने की शक्ति है और मैं लड़ता हूँ। लेकिन हल्द्वानी में स्टेज का शुद्धिकरण कर मुझे अछूत होने का एहसास कराया गया और मेरा अपमान किया गया। मेरी माँग है कि हल्द्वानी में जिन लोगों ने स्टेज का शुद्धिकरण किया, उन पर छुआछूत एक्ट के तहत केस दर्ज हो और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
दरअसल रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अक्ष्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विजय शंखनाद रैली’ हुई थी। रैली के दो दिनबाद विश्व हिंदू परिषद और भाजपा से जुड़े कुछ संगठनों ने गंगा जल छिड़ककर मैदान में हवन किया और कहा कि उस व्यक्ति के आने से रामलीला मैदान अशुद्ध हो गया था जो हिंदुओं को मारने के लिए मुस्लिमों को उकसा रहा था। लोगों का आरोप है कि कांग्रेस की शंखनाद सभा के दौरान मंच से इस्लामिक नारे लगाए गए और हिंदू संगठनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को मंच दिया गया।
शुद्धीकरण का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर सामाजिक विद्वेष फैलाने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि ये भाजपा का चरित्र है उसकी असलियत है जो पिछले कई सालों से समाज में विद्वेष फैला रही है।