मेंटल रिपोर्ट में फिट पाया गया केशव थलवाल, जस्टिस थपलियाल की पुलिस पर सख्त टिप्पणी, ऐसे अफसरों को सस्पेंड करो
NAINITAL: चर्चित केशव थलवाल मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने पुलिस के व्यवहार को लेकर बेहद तीखी टिप्पणियां कीं और स्पष्ट किया कि अदालत किसी भी सूरत में मानवाधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं करेगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा “क्या अब पुलिस अधिकारी का भी मानसिक परीक्षण कराया जाए? ऐसे अधिकारियों को सस्पेंड क्यों नहीं किया जाए?
केशव बहुत इंटेलिजेंस
जस्टचिस राकेश थपलियाल ने पिछले दिनों इस मामले में केशव थलवाल का मानसिकपरीक्षण करानेके निर्देश दिए थे। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जस्टिस थपलियाल ने पुलिस के दावों को खारिज करते हुए कहा, “रिपोर्ट के अनुसार वह केशव बहुत बुद्धिमान (Intelligent), बहुत तेज (Sharp) और स्मार्ट है। वह गलत चीज को बर्दाश्त नहीं करता और भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। कोर्ट ने पुलिस से सवाल किया कि आखिर ऐसे व्यक्ति के खिलाफ इतने मुकदमे क्यों दर्ज किए गए?
बता दें कि इससे पहले पुलिस ने कोर्ट में तर्क दिया था कि केशव थलवाल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, वह सोशल मीडिया पर बहुत कुछ लिखता रहता है। इस पर कोर्ट ने कहा, “आपने कहा था कि इसकी मेंटल कंडीशन ठीक नहीं है, हमने उसका मेडिकल करा दिया और वह बिल्कुल फिट निकला। अब अगला कदम क्या होगा?” पुलिस का बिहैव ऐसा है….सस्पेंड कोर ऐसे अधिकारियों को।
जस्टिस थपलियाल ने कोर्ट में केशव के पैरों की फोटोग्राफ्स दिखाते हुए भारी नाराजगी जताई। उन्होंने फोटोग्राफ्स दिखते हुए कहा कि उसके बाएं पैर में पहले से सर्जरी हो रखी थी, फिर भी मार-मारकर आपने पैर की क्या हालत कर दी है! यह हम नहीं होने देंगे।” कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एक पुलिस अधिकारी का व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है, तो क्यों न उसका भी मानसिक और मेडिकल टेस्ट कराया जाए? कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा, “जैसे हमने केशव का टेस्ट कराया, वैसे ही अब पुलिस अधिकारी का भी मेडिकल टेस्ट कराते हैं।”