गुफाओं की धरती गंगोलीहाट में मिली 8 तल वाली गुफा, विशाल महाकालेश्वर गुफा बनी चर्चा का केंद्र

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PITHORAGARH: उत्तराखंड चमत्कारों और रहस्यों की धरती है। पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट इलाके में पाई गई 8 तल वाली विशाल गुफा चर्चा का केंद्र बनी है। गंगोलीहाट में महाकाली मंदिर से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित गुफा क्षेत्र की सबसे बडी गुफा मानी जा रही है। अचानक इस गुफा के प्रति लोगों की आस्था बढ़ गई है।

गंगोलीहाट के शैल पर्वत क्षेत्र में दर्जनों प्राचीन गुफाएं पाई जाती हैं। लेकिन आठ तल वाली गुफा इनमें सबसे बड़ी गुफा है। इस गुफा की लंबाई 200 मीटर बताई जा रही है। इस गुफा के भीतर कई पौराणिक चित्र उकेरे गए हैं।  गुफा में मौजूद शिवलिंग पर चट्टान से पानी की बूंदें गिर रही हैं। गुफा में शेषनाग की आकृति के अलावा कई पौराणिक देवताओँ की मूर्तियां दिख रही हैं। स्थानीय लोगों ने इस गुफा को महाकालेश्वर नाम दिया है। माना जा रहा है कि 8 तल होने के कारण यह गुफा विश्व प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा से भी बड़ी हो सकती है।

 

गुफाओं के लिए फेमस है गंगावली

पिथौरागढ़ का गंगावली क्षेत्र का शैल पर्वत गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां अब तक दर्जनभर गुफाएं मिली हैं।

 

 

  • ((ये स्टोरी हमें कनालीछीना, पिथौरागढ़ से हमारे दर्शक/पाठक नीरज जोशी ने भेजी है))
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