हरदा की फेसबुक पोस्ट से बवाल, कहा बजट सत्र में गैरसैंण का जिक्र भी नहीं आने देना चाहती सरकार, कंबल ओढ़कर बजट पढ़ेंगे अग्रवाल

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DEHRADUN: उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार से देहरादून में शुरू हो रहा है। इस बीच फिर से गैरसैंण का मुद्दा गरमाने के आसार हैं। पूर्व सीएम हरीश रावत ने गैरसैंण के मुद्दे पर एक के बाद एक व्यंगात्मक पोस्ट करके इस मुद्दे को हवा दे दी है।

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से देहरादून में शुरू हो रहा है। बजट सत्र को लेकर सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। लेकिन मुख्यमंत्री के भरोसे के बावजूद बजट सत्र गैरसैंण में न कराने पर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फेसबुक पोस्ट के जरिए गैरसैंण के मुद्दे को फिर से हवा दी है। हरीश रावत ने लिखा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नहीं चाहते कि बजट सत्र के दौरान कोई भी गैरसैंण शब्द का उच्चारण करे।

हरीश रावत ने लिखा है, सत्ता सूत्रों से एक बड़ी दिलचस्प खबर बाहर आई है. माननीय मुख्यमंत्री जी ने अपने सलाहकारों, सहयोगियों और प्रशासन के उच्च अधिकारियों से कहा है कि किसी भी कीमत पर वर्तमान बजट सत्र में कहीं भी गैरसैंण शब्द का उच्चारण नहीं आना चाहिए। वो शब्द उनके कानों में नहीं पड़ना चाहिए। इसका कारण तो समझ में आता है, लेकिन क्या ऐसा संभव है।बहुत सारे राजनीतिक दल और बहुत सारी शक्तियां हैं, जो गैरसैंण के प्रति प्रतिबद्ध हैं, गैरसैंण के साथ धोखा हुआ है। ग्रीष्मकालीन राजधानी में ग्रीष्मकालीन सत्र नहीं तो क्या देहरादून की सड़कों पर गैरसैंण शब्द इस बार नहीं गूंजेगा?राजनीतिक विश्लेषकों की गहरी नजर इस संभावना पर बनी रहेगी।

इसके कुछ देर बाद ही हरीश रावत ने सर्वदलीय बैठक को लेकर भी एक पोस्ट की जिसमें उन्होंने लिखा कि सरकार गैरसैंण में ठंड का बहाना बनाती है, कहीं ऐसा न हो कि इस बार बजट कंबल ओढ़कर पढ़ा जाए। हरीश रावत ने लिखा है, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य जी से अभी-अभी मेरी भेंट हुई है। स्वभावत: राज्य के ढेर सारे जनवादी मुद्दों के साथ गैरसैंण पर भी चर्चा हुई। इस भेंट के बाद सत्ता सूत्र विधानसभा में गैरसैंण का मुद्दा उठने की संभावनाओं से परेशान हैं। ‘सूत्रों ने बताया है कि यह सूचना माननीय मुख्यमंत्री जी तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा में गैरसैंण शब्द आने की स्थिति में अधिकारियों से कहा है कि विधानसभा में ठंड ज्यादा बढ़ सकती है। सरकार को ठंड न लगे इसलिए पूरे परिसर के AC बंद कर दिए जाएं? हो सकता है बजट प्रस्तुत करते वक्त माननीय वित्त मंत्री कंबल ओढ़े हुए हों?’

हरीश रावत की पोस्ट के बाद बीजेपी  का कहना है कि सत्र कहां होगा और कहां नहीं? ये सरकार तय नहीं करती है, ये काम विधानसभा का है।

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