महज 9 घंटे में खत्म हुआ गैरसैंण विधानसभा का सत्र, अनुपूरक बजट समेत 10 विधेयक पास, रेखा आर्य मामले पर विपक्ष का हंगामा
GAIRSAIN: गैरसैंण में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा का सत्र भारी हंगामे के बीच तय समय से पहले खत्म हो गया है। सत्र के दूसरे दिन हंगामे के बीच अनुपूरक बजट समेत 10 विधेयक पास हुए। इस दौरान विपक्षी विधायकों का हंगामा और नारेबाजी जारी रही। विपक्षी विधायकों ने अध्यक्ष पीठ को काले कपड़े दिखाकर विरोध जताया। दो दिन में महज 11 घंटे की कार्यवाही के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
पहले दिन का समय पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन के निदेशों में बीता, शाम के समय ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया गया। दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी की। विपक्ष ने नियम 310 के तहत चर्चा का समय दिए जाने की मांग की। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। 12 बजे दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब भी कांग्रेस विधायक काले झंडे लेकर वेल में पहुंच गए। वो लगातार रेखा आर्या के मामले पर चर्चा की मांग कर रहे थे। इसके बाद सदन की कार्यवाही फिर स्थगित कर दी गई। 12.15 बजे सदन फिर शुरू हुआ तो कांग्रेस विधायक हंगामा करते रहे। आलम ये रहा कि प्रश्नकाल में एक भी सवाल नहीं किया जा सका। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल समाप्त करने की घोषणा की।
शून्यकाल में भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे के बीच ही अनुपूरक बजट के विभिन्न अनुदानों को पास किया गया, 10 विधेयक भी शोर शराबे के बीच पास किए गए। सके बाद स्पीकर ने सदन का कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
210 करोड़ का झुमका कहां गिरा ?
उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दूसरे दिन शून्यकाल में कांग्रेस विधायकों के नारे ने खूब चर्चा बटोरी। मंत्री रेखा आर्य के मामले और नियम 310 के तहत रेखा आर्या पर लगे कथित 210 करोड़ के भ्रष्टाचार के मामले की जांच की मांग कर रहे थे। इस बीच स्पीकर ने प्रश्नकाल समाप्ति की घोषणा की तो, विपक्षी विधायक नारे लगाने लगे, ‘210 का झुमका कहां गिरा’ …कहां गिरा कहां गिरा?
कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं, रेखा आर्या ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वर्ष 2012 से 2017 के शासनकाल का जिक्र किया।