SLP वापस लेने के फैसले से बैकफुट पर धामी सरकार, त्रिवेंद्र को राहत, आखिर क्या है ये SLP का चक्कर

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Dehradun: सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेने के फैसले से राज्य सरकार पलट गई है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में राज्य सरकार बनाम उमेश कुमार मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मामला जारी रखने के बाबत SLP दायर की थी। पिछले दिनों राज्य सरकार ने इस SLP को वापस लेने के लिए कोर्ट में।वकीलों को लिखा था। लेकिन जैसे ही विवाद बढ़ा तो सरकार ने याचिका वापस लेने से इनकार कर दिया।

इस फैसले को पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के लिए राहत और खानपुर विधायक उमेश कुमार को बड़ा झटका माना जा रहा है। इस वाबत गृह विभाग ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की वकील वंशजा शुक्ला को भेजे गए पत्र में कहा है कि 26 सितम्बर 2022 को SLP वापसी के बाबत सुप्रीम कोर्ट में दी गयी अर्जी को राज्य सरकार ने जनहित में निरस्त करने का फैसला किया है। लिहाजा इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही करें। गृह विभाग में उप सचिव अखिलेश मिश्रा की।ओर से यह पत्र जारी किया गया।

आपको बता दें त्रिवेंद्र सरकार में स्टिंगबाज उमेश कुमार के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसके विरोध में उमेश कुमार ने भी हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी, तत्कालीन सीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और जांच की मांग की थी। कोर्ट ने त्रिवेंद्र सिंह रावत कार्यकाल की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। लेकिन राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।

पिछले दिनों जब धामी सरकार ने एसएलपी वापस लेने के लिए अर्जी लिखी तो बवाल मच गया। इसे त्रिवेंद्र के लिए बड़ा झटका माना गया। इसका अर्थ ये होता कि सीबीआई जांच की आंच पहुंचती। लेकिन पार्टी हाईकमान के दबाव के बाद सरकार को एसएलपी वापस लेने का फैसला पलटना पड़ा।

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