टीवी पर पहली बार, पहाड़ की तकदीर बदलने वाले महत्वाकांक्षी रेलवे प्रोजेक्ट की ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग, देवभूमि डायलॉग पर
DEHRADUN: टीवी इतिहास में पहली बार देवभूमि डायलॉग पहुंचा ग्राउंड जीरो पर। एक ऐसे प्रोजेक्ट की कवरेज के लिए, जो सामाजिक, आर्थिक और सामरिक दृष्टि से भारत का सबसे अहम प्रोजेक्ट है। ये प्रोजेक्ट पहाड़ की नई उम्मीद बनेगा, रिवर्स पलायन को बढ़ावा देगा। आर्थिक तरक्की के द्वार खोलेगा और चारधाम यात्रा को सुलभ और सुगम बनाएगा। रेल के जरिए उत्तराखंड में सालभर पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहेगा। और सबसे खास बात, हमारी सेना और सैन्य साजोसामान को चंद घंटों में चीन की सीमा तक पहुंचाने में मददगार साबित होगा।
जी हां हम बात कर रहे हैं ऋषिकेष कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट की। 16 हजार करोड़ की लागत का ये प्रोजेक्ट अंतिम पड़ाव पर है। 16 सुरंगों से गुजरने वाले 125 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के निर्माण में कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं। देश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग इसी प्रोजेक्ट के तहत देवप्रयाग (सौड़) और जनासू के बीच तैयार की गई है। हिमालय में पहली बार रेलवे सुरंग के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का सफलता से प्रयोग हुआ है।
रेलवे प्रोजेक्ट के 19 बड़े पुलों को बनाने में शानदार इंजीनियरिंग, अद्भुत तकनीक और जीतोड़ मेहनत रंग अब दिखने लगा है। 12 स्टेशनों के जरिए ये महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट परधरातल पर उतरने को है। इसी प्रोजेक्ट के हर पहलू की ग्राउंड जीरो पर गहराई से रिपोर्टिंग की है देवभूमि डायलॉग ने।
