विधायक अरविंद पांडे की वायरल चिट्ठी से सियासी बवाल, कांग्रेस का हमला, विधायक की चुप्पी से उठे सवाल
DEHRADUN: उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। गदरपुर से बीजेपी विधायक अरविंद पांडे के हस्ताक्षर वाला एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिससे सियासी बवाल मच गया है। पीएम मोदी को लिखे इस वायरल पत्र में अरविंद पांडे की ओर से मुख्यमंक्षी पुष्कर सिंह धामी पर आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दो को लपकते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने धामी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राजपुर रोड स्थित बार में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी, राज्यपाल से मुलाकात न हो पाने और सबसे अहम सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित पत्र का मुद्दा उठाया। यह पत्र गदरपुर से बीजेपी विधायक अरविंद पांडे के नाम से जोड़ा जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं।
वहीं बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल द्वारा जारी की गई चिठ्ठी की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठाए हैं। बीजेपी प्रदेश महामंत्री दीप्ती रावत ने कहा कि जिस चिठ्ठी क़ो दिखाया जा रहा है उसकी सत्यता कितनी है इसको भी देखना होगा। उन्होंने कहा कि विधायक की चिठ्ठी जों बीजेपी के पास होनी चाहिए थी वो कांग्रेस अध्यक्ष जारी कर रहें है बात समझ से परे है।
क्या है वायरल पत्र में
सोशल मीडिया पर विधायक अरविंद पांडे के नाम से जो पत्र वायरल हो रहा है, उसमें लिखा गया है कि धामी सरकार उन्हें प्रताड़ित कर रही है, मुकदमें लिखाकर उनके खिलाफ साजिश रच रही है। साथ ही सरकार के इशारे पर मेरे खिलाफ भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं कि मैं पार्टी छोड़ रहा हूं।

हालांकि विधायक अरविंद पांडे ने अभी वायरल पत्र पर कोई प्रतिक्रिया दी है। लेकिन इस पूरे मामले पर उनकी चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। सवाल ये भी उठ रहे है कि अगर ये पत्र असली है, तो क्या सच में बीजेपी के भीतर घमासान चल रहा है? और अगर ये पत्र फर्जी है, तो क्या यह किसी बड़े राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है? सवाल ये भी है कि कांग्रेस अध्यक्ष तक ये पत्र पहुंचाया किसने?
बहरहाल देवभूमि डायलॉग इस वायरल पत्र की सत्यता की पुष्टि नहीं करता।