यूक्रेन में फंसे उत्तराखंडियों ने सुनाई युद्ध की खौफनाक दासतां, सरकार से लगाई बचाने की गुहार
DEHRADUN: रूस के हमले के बाद यूक्रेन में तबाही दिख रही है। यूक्रेन में वहा के नागरिकों औऱ विदेशी नागरिकों में भी अफरातफरी दिख रही है। भारत सरकार ने यूक्रेन से भारतीयों को वापस लाने की कवायद तेज कर दी है, इस बीच उत्तराखंड के भी करीब 500 लोग यूक्रेन में फंसे हैं, उन्होंने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें जल्द से जल्द निकालने के उपाय किए जाएं।
देवभूमि डायलॉग ने यूक्रेन में रह रहे उत्तराखंड के लोगों से बातचीत की। इस बातचीत में उत्तराखंड के लोगों ने बताया कि यूक्रेन में किस तरह से हर जगह दहशत का माहौल है। नरेंद्र नगर टिहरी गढ़वाल के रहने वाले नरेश कलूड़ा यूक्रेन के कीव शहर में होटल इंडस्ट्री में काम करते हैं। नरेश ने बताया कि कल शाम तक कीव में सबकुछ सामान्य था, लेकिन गुरुवार सुबह रूस के हमलों के बाद अफरातफरी का माहौल है। नरेश ने बताया कि यूक्रेन में अफरातफरी के बीच लोगों से कहा गया है कि जो जहां है, वही रहे। रेस्टोरेंट, होटल, दुकानें, बाजार बंद कर दिए गए हैं। एय़रपोर्ट पर भी लोगों का जमावड़ा लगा है, लेकिन फ्लाइट मिलने से दहशत का माहौल है। नरेश ने बताया कि वे यूक्रेन में कम से कम 500 ऐसे लोगों को जानते हैं जो उत्तराखंड से हैं, उनमें से ज्यादातर लोग होटल और आईटी सेक्टर में काम करते हैं। टिहरी के सुरेंद्र रावत ने भी कहा कि यूक्रेन में हालात खराब होते जा रहे हैं।
रायवाला, देहरादून के रहने वाले हरीश यूक्रेन की राजधानी में रेस्टोरेंट में काम करते हैं। हरीश बताते हैं कि जहां वे रहते हैं, वहा से 30 किलोमीटर दूर रूस ने मिसाइलों से हमला किया है। जिससे सभी में भय का माहौल है। हरीश बताते हैं कि उन्हें भारत से एडवायजरी मिली है कि घरों से बाहर न निकलें। जहां हैं, वहीं पर रहें। हरीश के मुताबिक कहीं आने जाने के लिए भी टैक्सी उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए हम बेसमेंट में रह रहे हैं। हरीश बताते हैं कि अभी सभी भारतीय यहां सकुशल हैं, लेकिन हालात बहुत खराब हो रहे हैं, इसलिए सरकार उन्हें जल्द से जल्द यहां से निकाले।
उधर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने फिर दोहराया है कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के लगातार संपर्क में है। उत्तराखंडियों को यूक्रेन से लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
