उत्तराखंड क्रांति दल ने आशुतोष नेगी को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, आशुतोष ने दल में जगाई थी नई चेतना

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DEHRADUN: विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड क्रांति दल में बड़ी टूट दिख रही है। पार्टी नेतृत्व ने केंद्रीय उपाध्यक्ष रहे आशुतोष नेगी को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है। पार्टी ने कहा है कि आशुतोष नेगी पर अनुशासनहीनता के लिए ये कार्रवाई की गई है। इससे पहले आशुतोष नेगी को उपाध्यक्ष पद से हटाया गया था।

बता दें कि अंकिता भंडारी केस से चर्चा में आए आशुतोष नेगी ने 2024 लोकसभा चुनाव के वक्त यूकेडी का दामन थामा था। तब उन्होंने गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से यूकेडी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। इसके बाद पार्टी के साथ कई युवाओं को जोड़ा था। इस दौरान उन्होंने दल के भीतर नई चेतना जगाने का काम भी किया,  और लगातार जन सरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया। लेकिन हाल के दिनों में विवादित टिप्पणियों और पार्टची के वरिष्ठ नेताओं के खुलाफ बोलने पर आशुतोष नेगी के खिलाफ एक्शन लिया गया है।

 

UKD  केंद्रीय अनुशासन समिती की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि आशुतोष नेगी को पार्टी नेअहम पद और जिम्मेदारियां दी, लेकिन पिछले कुछ समय से वे अनर्गल भ्रामक और तथ्यहीन बयानबाजी से पार्टी की छवि खराब कर रहे थे। उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिस पर उन्होंने खेद व्यक्त भी किया था। लेकिन आशुतोष नेगी लगातार दल के नेतृत्व के खिलाफ टिप्पणी करते रहे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर अनर्गल आरोप लगाते रहे। इसलिए पार्टी उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित करती है।

उधर पार्टी से बाहर करने के फैसले के बाद आशुतोष नेगी की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा है कि भाजपा से उत्तराखंड क्रांति दल के नेता द्वारा हमें निबटाने की 20 करोड़ में सुपारी लेने के मेरे आरोप की पुष्टि हुई है। मुझे दल की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित और दल से 6 वर्ष के लिये निष्कासित किया गया है। लेकिन मैं उक्रांद हूं, मुझे दल की प्राथमिक सदस्यता से न कोई निलंबित कर सकता है और न उक्रांद से मुझे कोई निष्कासित कर सकता है। दलालों अब तुम्हारी खैर नहीं, ये पत्र तुम्हारे ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।

 

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