हरदा से संजय नेगी की मुलाकात, खत्म होगा अर्जित अवकाश? संजय बोले रणजीत को मनाओ तो…
DEHRADUN: हरीश रावत के राजनीतिक अर्जित अवकाश की घोषणा से उत्तराखंड कांग्रेस में अचानक से भूचाल आ गया है। ये सारा मामला रामनगर के ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी को कांग्रेस में शामिल न कराने को लेकर है। अब संजय नेगी ने गुरुवार को हरीश रावत से मुलाकात करके सस्पेंस बढ़ा दिया है।
बता दें कि 28 मार्च को कांग्रेस ने 6 बड़े नेताओं की ज्वाइनिंग करवाई थी, लेकिन हरीश रावत संजय नेगी को भी शामिल कराना चाहते थे। हालांकि कांग्रेस के एक बड़े नेता के अड़ंगा लगाने से संजय की राह रुक गई। इस बात से हरीश रावत नाराज हो गए और एक दिन पहले 27 मार्च को उन्होंने 15 दिन के लिए राजनीति से अर्जित अवकाश लेने की घोषणा कर दी। इसके बाद कांग्रेस में कलह खुलकर सामने आने लगी।
गुरुवार को हरीश रावत से मिलने पहुंचे संजय नेगी ने कहा कि मेरी ज्वाइनिंग को लेकर सोशल मीडिया पर जो अटकलें चल रही हैं, औऱ हरीश रावत जी ने अर्जित अवकाश का ऐलान किया है, उसको लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं जिससे पार्टी को नुकसान हो रहा है। संजय ने कहा कि उनके डीएनए में कांग्रेस है लेकिन उनकी पार्टी में ज्वानिंग का फैसला हाईकमान, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य सीनियर लीडर्स को लेना है। संजय ने ये भी कहा कि उन्होंने हरीश रावत से अनुरोध किया है कि वो 15 दिन का अर्जित अवकाश वापस ले लें। संजय ने ये भी कहा कि मैं 28 साल से मेहनत कर रहा हूं और इसे देखकर अगर कांग्रेस मुझे टिकट देती है तो हम जरूर जीतेंगे। साथ ही अगर रणजीत रावत को मना लेते हैं और उन्हें सल्ट भेज दें तो हम रामनगर और सल्ट दोनों सीटें जीतेंगे।
कौन हैं संजय नेगी?
45 साल के संजय नेगी रामनगर कीर राजनीति में युवा व प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। संजय नेगी फिलहाल ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख हैं तो उनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख हैं। संजय नेगी पूर्व सीएम हरीश रावत के गुट के माने जाते हैं। रामनगर में दूसरा गुट कांग्रेस नेता रणजीत रावत का है। माना जा रहा है कि कांग्रेस में संजय के शामिल होने पर रणजीत ने ही अड़ंगा लगाया। पिछली बार संजय को टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय चुनाव लड़े और न सिर्फ 20 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल किए बल्कि रणजीत रावत की हार भी सुनिश्चित की। तभी से रणजीत रावत संजय नेगी को फूटी आंख नही सुहाते
