चमोली: स्कूल में आ धमके दो भालू, कक्षा 6 के छात्र को उठाकर ले गया, मची चीख-पुकार

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CHAMOLI:  पहाड़ों में जंगली जानवरों के आतंक से हर तरफ त्राहिमाम है। चमोली जिले में भालू के आतंक से स्कूली बच्चों में खौफ पसरा है। अब तो भालू सीधे स्कूल में पहुंचकर बच्चों को निशाना बनाना रहा है। सोमवार को पोखरी ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर में छठी क्लास में पढ़ रहे एक छात्र को भालू उठाकर 200 मीटर दूर झाड़ियों में ले गया। जिससे स्कूल में हड़कंप मच गया। इस घटना पर साथी बच्चे चीखने चिल्लाने लगे जिसके बाद एक शिक्षक और एक छात्रा ने साहस दिखाते हुए झाड़ी से भालू के चंगुल से छात्र को बचाया।

जानकारी के मुताबिक पोखरी ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर में सुबह करीब सवा नौ बजे अचानक भालू धमक पड़े। एक भालू ने क्लास 6 में पढ़ने वाले छात्र आरव को उठाकर 200 मीटर दूर झाड़ियों की तरफ ले गया। पास में खड़ी कक्षा 8 की छात्रा दिव्या ने शोर-शराबा किया और पीछे भागी तब भालू ने छात्र को छोड़ा। इस घटना में छात्र घायल हुआ है उसे चोट आई है साथ ही बच्चे के कपड़े भी भालू ने फाड़ दिए हैं। इस घटना के बाद छात्रों में डर बना हुआ है।

इस बीच दूसरा भालू क्लासरूम के आगे पहुंच गया और दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। भालू ने दरवाजे पर नाखूनों से निशान बना दिए। डरे सहमे छात्रों ने कमरे को अंदर से बंद कर दिया। तब जाकर भालू वहां से दूर हटा। भालू के स्कूल में पहुंचने की खबर मिलने पर आसपास गांव के लोग विद्यालय में पहुंच गये। यह घटना सोमवार की सुबह 9.15 बजे की है। अध्यापक उपेन्द्र सती ने बताया कि अध्यापकों के स्कूल में मौजूद होने के बावजूद वन्य जीव इस प्रकार से हमलावर बने हुए हैं। इससे पहले शनिवार को इसी स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र पर भालू ने जनलेवा हमला किया जिससे छात्र के दोस्त ने पत्थर से भालू पर हमला किया तब जाकर छात्र की जान बच पायी ।

नारायणबगड़ में भालू के हमले के एक घायल

चमोली के ही नारायणबगड़ ब्लॉक के मरोड़ा गांव में भी भालू ने एक ब्यक्ति पर हमला कर घायल कर दिया , घायल ब्यक्ति की हालत इतनी खराब है कि डॉक्टरों से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है। 45 वर्षीय ब्यक्ति लकड़ी लेने अपनी गोशाला के पास गया हुआ था। जहां पहले से ही घात लगाते भालू ने उस पर जान लेवा हमला कर दिया , और उसे बुरी तरह से नोच लिया , जिससे उसका चेहरा बुरी तरह से लहुलुहान हो गया , सूचना पर ग्रामीणों द्वारा उसे नारायणबगड़ अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया है

वन्य जीवों की घटनाओं को रोकने में नाकाम वन विभाग के अधिकारी इन घटनाओं को रोकने के बजाय पीड़ित परिवार को मुआवजा देकर इतिश्री कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। भालू के बढ़ते हमलों की घटनाओ को देखते हुए शासन-प्रशासन एवं वन विभाग से मांग की जा रही है कि वह तत्काल संज्ञान लेकर विद्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

 

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