14वीं बार गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी उत्तराखंड की झांकी, इस बार कर्तव्यपथ पर दिखेगी मानसखंड की झलक
Delhi: गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक बार फिर से उत्तराखंड की झांकी दिखाई देगी। इस बार मानसखंड की झांकी कर्तव्यपथ पर प्रदर्शित की जाएगी। गणतंत्र दिवस परेड के लिए इस बार 16 राज्यों की झांकियों का चयन किया गया है जिसमें से उत्तराखंड भी शामिल है। यह 14वां मौक होगा जब अलग राज्य बनने के बाद राजपथ पर उत्तराखंड की झांकी प्रदर्शित होगी।
सूचना विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड की झांकी को कर्तव्यपथ पर प्रदर्शन के लिए चयनित किया गया है। यह झांकी मानसखंड पर आधारित है। झांकी के अग्र तथा मध्य भाग में कार्बेट नेशनल पार्क में विचरण करते हुए हिरन, बारहसिंघा, घुरल, मोर तथा उत्तराखंड में पाये जाने वाली विभिन्न पक्षियों और झांकी के पृष्ठ भाग में प्रसिद्ध जागेश्वर मन्दिर समूह तथा देवदार के वृक्षों को दिखाया जायेगा। साथ ही उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक कला ‘ऐपण’ का भी झांकी के मॉडल में समावेश किया गया है। झांकी के साथ उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए छोलिया नृत्य का दल सम्मिलित होगा। झांकी का थीम सांग उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति पर आधारित होगा।
गणतंत्र दिवस की झांकी के लिए लगभग 27 राज्यों ने अपने प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किये थे। इसमें 16 राज्यों का ही अंतिम चयन हुआ है। राष्ट्रीय समारोह के नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक, के.एस. चौहान द्वारा झांकी का डिजाइन, थ्री-डी मॉडल तथा संगीत के संदर्भ में रक्षा मंत्रालय के अधीन गठित विशेषज्ञ समिति के सम्मुख नई दिल्ली में 7 बार प्रस्तुतिकरण करने के उपरान्त उत्तराखंड राज्य का अंतिम चयन हुआ है।
गौरतलब है कि श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ की तर्ज पर कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसखण्ड मंदिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर मानसखंड पर आधारित झांकी का प्रदर्शन होगा। देश विदेश के लोग मानसखंड के साथ ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति से भी परिचित होंगे। झांकी का निर्माण 31 दिसम्बर से सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी केएस चौहान के दिशानिर्देशन में राष्ट्रीय रंगशाला शिविर नई दिल्ली में किया जायेगा। झांकी के साथ उत्तराखंड की संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए उत्तराखंड का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य का ग्रुप 13जनवरी 2023 को राष्ट्रीय रंगशाला शिविर नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगा।
14वीं बार राजपथ पर उत्तराखंड की झांकी
उत्तराखंड राज्य की ओर से अभी तक गत् वर्षों में 13 झांकियों एवं उत्तराखंड की कला एवं संस्कृति का प्रदर्शन कर्त्तव्य पथ पर किया गया है।
2003 में ‘फुलदेई’
2005 में ‘नंदा राजजात’
2006 में ‘फूलों की घाटी’
2007 में ‘कार्बेट नेशनल पार्क’
2009 में ‘साहसिक पर्यटन’
2010 में ‘कुम्भ मेला हरिद्वार’
2014 में ‘जड़ीबूटी’
2015 में ‘केदारनाथ’
2016 में ‘रम्माण’
2019 में ‘अनाशक्ति आश्रम’
2021 में ‘केदारखंड’
2022 में ‘प्रगति की ओर बढ़ता उत्तराखण्ड’
