आरक्षण पर विधानसभा में जमकर हंगामा, 15 मिनट तक सिर्फ नोंकझोंक, सवाल का जवाब शुरू नहीं हो पाया
DEHRADUN: उत्तराखंड विधानसभा में गुरुवार को आरक्षण के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्री सवालों के सटीक जवाब देने के बजाए गोल गोल कहानियां घुमा रहे हैं। कांग्रेस के विधायक वीरेंद्र कुमार ने राज्य की सरकारी नौकरियों में आरक्षित पदो पर चयनित उम्मीदवारों का ब्योरा संसदीय कार्यमंत्री से मांगा, लेकिन इस जमकर हंगामा हो गया। हंगामे के कारण करीब 15 मिनट तक सवाल का जवाब ही शुरू नहीं हो पाया।
दरअसल जैसे ही विपक्ष ने आरक्षित पदों पर चयनित अभ्यर्थियों का ब्योरा मांगा संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पीएम आवास योजना की बात करने लगे, इससे विपक्षी सांसद भड़क गए और मंत्री से प्वाइंट टु प्वाइंट जवाब मांगने लगे। संसदीय कार्यमंत्री ने भी कांग्रेस के 60 साल के इतिहास को गिनाने लगे तो हंगामा और बढ़ गया। आलम ये रहा कि 15 मिनट तक तू तू मैं मैं में सवाल का जवाब शुरू नही हो पाया। विपक्ष का कहना है कि मंत्री जवाब देने के बजाय कहानियां सुना रहे हैं। कांग्रेस ने कहा है कि सरकार आरक्षण को खत्म करना चाहती है। सरकार आरक्षण की अनदेखी कर रही है। यशपाल आर्या ने कहा कि आरक्षण कोई भीख नहीं है बल्कि ये हमारा अधिकार है। सरकार आरक्षित वर्गों को दबाने की कोशिश कर रही है।
इससे पहले डॉ धनसिंह रावत और सतपाल महाराज भी संबंधित सवालों का लंबा जवाब देते दिखे, जिस पर विपक्ष ने कहा कि मंत्री जवाब देने की बजाए कहानियां सुना रहे हैं।
