रतगांव के 4000 ग्रामीणों को बड़ा झटका, 60 मीटर बैली ब्रिज ध्वस्त, अधिशासी अभियंता सस्पेंड

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Dehradun/Chamoli: चमोली के थराली क्षेत्र में बुधवार को निर्माणाधीन बैली ब्रिज धराशाई हो गया। स्थानीय ग्रामीण पुल निर्माण में लगातार गंभीर लापरवाही के आरोप लगा रहे थे। जिसके बाद शासन के कार्रवाई करते हुए थराली के अधिशासी अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

बता दें कि थराली में डूंगरी- रतगांव मार्ग पर 60 मीटर लंबा बैली ब्रिज बन रहा था। बुधवार को एक झटके में ये पुल धराशाई होकर प्राणमती नदी में समा गया। यह पुल रतगांव की 4000 से ज्यादा आबादी के लिए जीवन रेखा जैसा था,लेकिन निर्माण पूरा होने से पहले ही पुल ध्वस्त हो गया। पिछले एक महीने से 60 मीटर स्पान का यह पुल तैयार किया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग में अनुभव हीन अधिकारियों के चलते ऐसा हुआ है।

दरअसल, थराली के रतगांव को जोड़ने वाला मोटर पुल कुछ सालों पहले प्रणमती नदी कीके प्रचंड वेग में बह गया था। ऐसे में यहां से आवाजाही करना स्थानीय लोगों के लिए मुश्किल हो गया था। बरसात के दिनों में तो मुश्किल और बढ़ जाती है. ग्रामीण एक तरह के अपने गांव में ही कैद होकर रह जाते हैं। ग्रामीणों की माने तो वो बीते दो सालों से पुल बनवाने के लिए शासन-प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के चक्कर लगा रहे थे, तब कही जाकर वैली ब्रिज का काम शुरू हुआ था, लेकिन 60 मीटर लंबा वैली ब्रिज काम शुरू होते ही टूट कर गिर गया।

इस घटना के बाद लोक निर्माण विभाग ने जांच में पाया कि नॉन कार्य के दौरान समुचित पर्यवेक्षण अनुरक्षण नहीं किया गया। इस कार्य में अधिशासी अभियंता के स्तर से गंभीर लापरवाही बरती गई है। इसलिए शासन ने अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड थराली, दिनेश मोहन गुप्ता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

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