टिहरी और रुद्रप्रयाग में बादल फटने से अफरा तफरी, नदी नाले उफान पर , सड़कें टूटी, खेत बहे

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TEHRI: बुधवार को टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों में बादल फटने से भारी तबाही बरसी है। टिहरी के नैलचामी चिरबाटिया क्षेत्र में बादल फटन के बाद कई खेत बह गए हैं (cloudburst in tehri and riudraprayag districs cropland swept away) जबकि रुद्रप्रयाग के जखोली में भी बादल फटने से जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ है।

बुधवार सुबह घनसाली क्षेत्र के नैलचामी गदेरे में बादल फटा है। बरसाती नाले के उफान में आने से घनसाली के आसपास के क्षेत्रों में तबाही मच गई। वहीं टिहरी जिले में बादल फटने का असर रुद्रप्रयाग के सीमावर्ती गांवों में भी हुआ है। यहां खेत खलिहाल मलबे से पट गए हैं। नैलचामी गदेरे के उफान पर आने से तीन पुलिया और एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। जानकारी के मुताबिक बुधवार को सुबह करीब सात बजे के आसपास टिहरी जिले के घनसाली से 20 किमी दूर नेलचामी गदेरे में बादल फटा। इससे गदेरे का जलस्‍तर बढ़ा और वह उफान पर आ गया। गदेरे के उफान पर आने से कई बीघा खेत मलबे से पट गए हैं। थार्ती भटवाड़ा में तीन पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई हैं और थार्ती-चिरबाटिया में निर्माणाधीन पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। मूलगढ़-थार्ती मार्ग थार्ती के पास बन्द हो गया है।

टिहरी में ही नरेन्द्रनगर के समीप मलबा और बोल्डर आने से ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे फिर से यातायात के लिए बंद हो गया है। चार दिन बाद बीती रात को ही हाईवे यातायात के लिए खुल पाया था।

जखोली में भी हाहाकार

उधर रुद्रप्रयाग में कल रात से हो रही बारिश ने जखोली ब्लॉक मे जबरदस्त कोहराम मचाया है। क्षेत्र के मखेत व त्यूखर गांवों में भारी नुकसान पहुँचा है। हालांकि जनमाल की हानि कि खबर तो नहीं है लेकिन खेत खलियान, पैदल रास्ते तबाह हो चुके हैं। मखेत गाँव मे एक प्राचीन मंदिर भी चारों और से मलबे से घिर चुका है। बताया जा रहा है की बादल फटने के चलते तबाही हुई। क्षेत्र मे कई जगह मलबा आने लिंक मार्ग भी बंद हो चुके हैं।

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