बेटी के इंसाफ के लिए न्याय यात्रा निकालेंगे अंकिता के परिजन, श्रीनगर में चल रहा धरना समाप्त

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SHRINAGAR:  अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में दोषियों को सजा दिलाने और बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए परिजनों की लड़ाई जारी रहेगी। अंकिता के माता पिता ने सोमवार को श्रीनगर में 28 फरवरी से चल रहा धरना समाप्त कर दिया। परिजन अब 13 मार्च से प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकालेंगे जिसकी शुरुआईत कोटद्वार से होगी। अंकिता की मां सोनी देवी का कहना है कि बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए अगर जरूरत पड़ी तो चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेंगी।

बता दें कि 28 फरवरी से अंकिता के माता पिता बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए धरने पर बैठे थे। इस केस में परिजनों का बुलंदी से साथ देनेवाले पत्रकार आशुतोष नेगी की 5 मार्च को गिरफ्तारी के बाद अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई और भी तेज हो उठी थी। श्रीनगर में तमाम सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के लोगों ने विरोध जताया था। अब अंकिता के परिजनों ने सोमवार को धरना समाप्त करने का ऐलान किया। परिजनों का कहना है कि लोगों से संपर्क कर अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने की अपील करेंगे। इसके लिए 13 मार्च से कोटद्वार से न्याय यात्रा की शुरुआत करेंगे। अंकिता के माता पिता ने जनता से इस न्याय यात्रा को सफल बनाने की अपील की है।

अंकिता भंडारी के परिजनों का कहना है कि सरकार बेटी को न्याय दिलाने के बजाय उनके साथ खडे लोगों को तोड़ने का कार्य कर रही है। ना ही सरकार केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले गई, न ही सरकार की घोषणा के अनुसार नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर रखा गया। उन्होंने कहा सरकार वीआईपी को बचाने की कोशिश कर रही है। तभी सबूत मिटाने वाले एसडीएम और स्थानीय विधायक पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है। परिजनों ने कहा अब जनता के बीच जाकर वे जनता से न्याय दिलाने के लिए अपील करेंगे। अंकिता की मां सोनी भंडारी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे लोकसभा चुनाव भी लड़ेगी, जिससे उनकी बच्ची को इंसाफ मिले

पहाड़ी स्वाभिमान सेना के आशीष नेगी ने कहा 13 मार्च से अंकिता न्याय यात्रा की शुरूआत की जा रही है। जिसमें वे युवाओं के साथ मिलकर अंकिता के लिए न्याय के साथ ही आशुतोष नेगी की रिहाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा वे आशुतोष नेगी से मिलने जेल गए थे, जहां उन्होंने बताया सरकार उन पर जबरन अन्य मुकदमे भी कर सकती । पूर्व में भी सरकारी कार्य मे बाधा डालने, पुलिस की वर्दी फाड़ने का भी फर्जी मुकदमा उन पर किया गया है।

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