एससीएसटी एक्ट में गिरफ्तार पत्रकार आशुतोष नेगी को कोटद्वार की अदालत से मिली जमानत

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KOTDWAR:  अंकिता हत्याकांड में पीड़ित परिवार के साथ खड़े पत्रकार आशुतोष नेगी को कोटद्वार की अदालत से जमानत मिल गई है। एससीएसटी के मुकदमें में आशुतोष को 5 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। आशुतोष की रिहाई की मांग को लेकर श्रीनगर व पौड़ी में आन्दोलन किया जा रहा था। बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायालय कोटद्वार से जमानत मिलने के बाद आशुतोष की रिहाई हो गई है।

बता दें कि पौड़ी के पयासू गांव निवासी राजेश सिंह राजा कोली ने पत्रकार आशुतोष नेगी और उनके साथियों के खिलाफ धमकी देने और जातिसूचक टिप्पणी के इस्तेमाल करन पर एससीएसटी एक्ट में केस दर्ज कराया था। करीब डेढ़ साल तक पुलिस ने इस केस में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई लेकिन जनवरी में मुकदमा दर्ज करने के बाद 5 मार्च को आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया था। जिस पर वक्त आषुतोष की गिरफ्तारी हुई उसी वक्त अंकिता भंडारी के माता पिता श्रीनगर में धरने पर बैठे थे। लिहाजा आशुतोष की गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे थे।

बहरहाल बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायालय कोटद्वार से 40 -40 हजार के मुचलके पर आशुतोष और दीप मैठाणी को जमानत दे दी। जमानत मिलते ही दोनों को रिहाई दे दी। आशुतोष नेगी की अधिवक्ता सरिता रानी ने बताया कि कोर्ट में आशुतोष की रिहाई की मांग की गई थी। पौड़ी व बार काउंसिल कोटद्वार की तरफ से 20-25 अधिवक्ताओं ने बहस की। जिसके बाद न्यायालय ने आशुतोष नेगी और दीप मैठाणी की रिहाई के आदेश जारी कर दिए हैं।

आशुतोष नेगी को जमानत मिलने पर अंकिता भंडारी के पिता वीरेन्द्र भंडारी ने खुशी जताई है। अंकिता के पिता ने कहा कि मेरी बेटी के साथ जघन्य अपराध करने वालों को सजा दिलाने के लिए आशुतोष नेगी काम कर थे। उन्होंने का कि आशुतोष नेगी को उत्तराखंड पुलिस ने फर्जी-एसटी एक्ट लगाकर गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि जैसे आशुतोष नेगी की रिहाई हुई है ठीक वैसे ही अंकिता के हत्या के आरोपियों को भी उनके किए की सजा मिलेगी।

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