बिजली विभाग ने तोड़ा होमस्टे का हौसला, 2 साल बाद भी कनेक्शन नहीं दिया, 1.25 लाख का एस्टीमेट भेज दिया

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KOTDWAR: उत्तराखंड में अधिकारियों की लापरवाही और मनमर्जी स्वरोजगारकी चाह रखने वालों का हौसला तोड़ रही है। पौड़ी के जयहरीखाल ब्लॉक का ऐसा ही मामला सामने आया है। पहले तो सूर्यकांत बड़थ्वाल को होमस्टे में बिजली कनेक्शन के लिए दो साल तक इंतजार कराया, और जह सूर्यकांत ने ऊपरी अधिकारियों से शिकायत की तो मीटर लगाने के एवज में सवा लाख रुपए के बिला का एस्टिमेट थमा दिया। नतीजा होमस्टे का निर्माण पूरा होने के बाद भी अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पाया है।

दरअसल पाली तल्ली, गांव के रहने वाले सूर्यकांत बड़थ्वाल नस्वरोजगार की चाह लिए मीडिया की नौकरी छोड़ अफने गांव लौटे। उन्होंने कोटद्वार हाइवे पर अपनी जमीनपर होमस्टे खोलने का फैसला किया। मेहनत से होमस्टे तैयार किया लेकिन बिजली विभाग ने कनेक्शन के लिए लटका दिया। विभाग ने दो ब्लॉक के क्षेत्राधिकार का मसला उठाकर कनेक्शन का आवेदन 2022 में रद्द कर दिया। सूर्यकांत ने जनवरी 2023 में दूसरे ब्लॉक से दोबारा 2KV के कनेक्शन के लिए आवेदन किया लेकिन विभाग के अधिकारी चार महीनों तक टालमटोल करते रहे। आखिरकार सूर्यकांत ने इसकी शिकायत एक्सईएन से की तो एक्सईएन ने एसडीओ और जेई को फटकार लगाते हुए फौरन कनेक्शन देने का आदेश दिया।

एक्सईएन की फटकार से एसडीओ का ईगो इतना हर्ट हुआ कि सूर्यकांत से ही इसका बदला लेने की ठान ली। एसडीओ ने कनेक्शन के लिए सूर्यकांत को एक लाख 24 हजार 897 रुपए का बिल एस्टीमेट थमा दिया। आप सोचिए जो व्यक्ति दो-चार कमरों का होमस्टे बड़ी मशक्कत से तैयार कर पाता है वो महज बिजली कनेक्शन के लिए इतनी भारी भरकम रकम कैसे चुका पाएगा? हैरानी की बातये है कि ये बिल टेंपरेरी कनेक्शन के लिए दिया गया, जबकि सूर्यकांत ने परमानेंट कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, क्योंकि उनका होमस्टे तैयार हो चुका था।

सूर्यकांत की मानें तो एसडीओ ने जानबूझकर भारी भरकम एस्टीमेट थमाया। सूर्यकांत ने कहा कि उहोंने सभी मानकों के अनुरूप ही आवेदन किया है। बिजली के पोल और घर की दूरी के हिसाब से विभाग ने करीब 10 गुना ज्यादा रकम का बिल थमाया है। सूर्यकांत कहते हैं कि जिस जगह उनका होमस्टे है उसके आसपास कई मंजिला होटल खुले हैं। लेकिन उन होटल संचालकों को सांठगांठ करके औने पौने दामों पर कनेक्शन दे दिए गए। मानकों का भी ध्यान नही रखा गया। सूर्यकांत का आरोप है कि SDO रवि अरोड़ा और JE कमल रावत ने घूस लेकर उन्हें भी कनेक्शन दिए गए। जिनके भवन में बिजली मीटर लगाने तक की जगह नहीं थी, उन्हें कनेक्शन दे दिया और देकर उनका मीटर चीड़ के पेड़ पर टांग दिया, मकान का काम पूरी होने तक करीब 4 महीने तक मीटर पेड़ पर टंगा रहा। लेकिन उनका होमस्टे पूरा होने के बावजूद कनेक्शन देने में जानबूझकर हीला हवाली की जा रही है।

सूर्यकांत का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हैं। जिन लोगों से उनकी सांठगांठ है, उसे पैसे लेकर मानकों के उलट काम कर देते हैं। लेकिन जो जायज मांग करता है तो उसे भारी भरकम बिल थमाकर उसका उत्पीड़न करते हैं।

लेकिन सूर्यकांत का ये भी कहना है कि वो किसी भी कीमत पर घूस नही देंगे। इस मामले को हरसंभव उठाते रहेंगे, कनेक्शन लगे न लगे, वे पहाड़ छोड़कर नहीं जाएंगे।

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