केदारपुरी के रक्षक भुकुंड भैरव के कपाट बंद होने के साथ  केदारनाथ के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू

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KEDARNATH: चार धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू होगई है। धनतेरस के अवसर पर केदारनाथ क्षेत्र के रक्षक भुकुंड भैरवनाथ के कपाट शनिवार अपराह्न 1 बजकर 15 मिनट पर विधिवत रूप से बंद कर दिए गए। इसके साथ ही केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

केदारनाथ धाम से ऊपर स्थित भुकुंड भैरवनाथ को केदारपुरी का रक्षक माना जाता है। शनिवार सुबह श्री केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना तथा भोग लगाया के बाद बदरीनाथ– केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों और पंच पंडा समिति ने मंदिर परिसर से कपाट बंद करने हेतु श्री भैरवनाथ जी के मंदिर की ओर प्रस्थान किया। केदारनाथ धाम के पुजारी बागेश लिंग, धर्माधिकारी औंकार शुक्ला, वेदपाठी यशोधर मैठाणी तथा तीर्थ पुरोहितों ने पूजा-अर्चना संपन्न की, स्थानीय पकवानों तथा रोट का भोग लगाया। हवन यज्ञ के साथ कपाट बंद की प्रक्रिया पूरी की गयी।

भैरवनाथ जी के कपाट बंद होने के साथ ही अब श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद की तैयारी तथा पंचमुखी डोली की पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो गयी हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को शीतकाल हेतु बंद किए जाएंगे।

 

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