नेशनल गेम्स: फुटबॉल में गोल्ड से चूका उत्तराखंड, लेकिन खिलाड़ियों ने जीता दिल, दर्शकों से भरा रहा स्टेडियम

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HALDWANI: 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड की फुटबॉल टीम स्वर्णिम सफलता पाने से चूक गई। लेकिन बावजूद इसके अपने शानदार खेल से उत्तराखंड की टीम ने न सिर्फ खेलप्रेमियों के दिल जीते बल्कि फाइनल तक का सफर तय करके नया इतिहास रचा। फाइनल मुकाबले में उत्तराखंड केरल के हाथों 0-1 से हार गया। हजारों दर्शकों से खचाखच भरे हल्द्वानी के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में फुटबॉल का क्रेज देखते ही बनता था। फाइनल देखने के लिए भारती फुटबॉल संघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे भी मौजूद थे।

मैच की शुरुआत में दोनों टीमों ने डिफेंसिव अप्रोच दिखाई, लेकिन समय बीतने के साथ मैदान पर गर्मी बढ़ती गई। पहला हाफ गोल रहित बराबरी पर रहा। खेल के 53 वें मिनट में केरल ने उत्तराखंड के डिफेंडर की गलती को भुनाया और रिबाउंड में गेंद को सीधे गोलपोस्ट में डालकर 1-0 की बढ़त दिला दी। गेंद गोलकीपर पांडे के दोनों पैरों के बीच से निकल गई और केरल को लीड मिल गई।

दोनों टीमों के बीच गहमागहमी भी देखने को मिली। खेल के 74 वें मिनट में उत्तराखंड के खिलाड़ी शानदार पास को गोलपोस्ट की तरफ लेकर जा रहे थे, इसी दौरान केरल के खिलाड़ी ने फॉल कर दिया। उत्तराखंड ने पेनल्टी किक की मांग की तो केरल के खिलाड़ी बहस करने लगे। इस रेफरी ने पहले येलो कार्ड दिखाया, केरल के खिलाड़ियों की बार बार बहस के बाद रेफरी ने केरल के खिलाड़ी को रेड कार्ड दिखा दिया। इस फ्री। किक पर उत्तराखंड के खिलाड़ी गोल करने से चूक गए।

इसके बाद 10 खिलाड़ियों से खेल रही केरल पर उत्तराखंड ने कई शानदार अटैक से दबाव बनाया लेकिन गोल करने में कामयाबी नहीं मिली। 9 मिनट के इंजुरी टाइम में भी उत्तराखंड ने केरल के खेमें में कई आक्रमण किए लेकिन गोल में तब्दील नहीं कर सके। इस तरह उत्तराखंड 0-1 से मैच हार गया और उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

लेकिन सिल्वर मेडल के साथ साथ उत्तराखंड फुटबॉल ने नेशनल गेम्स से बहुत कुछ हासिल किया है। पूरे टूर्नामेंट में उत्तराखंड ने महज 5 गोल खाए जबकि 7 गोल दागे। उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया और नेशनल टीम में जगह बनाने के लिए अपनी बुलंद दस्तक दी है। उत्तराखंड में शायद पहली बार इतने दर्शकों का प्यार फुटबॉल को मिला। उत्तराखंड के मैच देखने के लिए स्टेडियम खचाखच भरा रहा।

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