उत्तरकाशी: सिलाई बैंड पर बादल फटने,भूस्खलन से तबाही, 8 श्रमिकों के लापता होने की खबर

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UTTARKASHI: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बारिश से भारी नुकसान पहुंचा हुआ। शनिवार रात यमुनोत्री क्षेत्र में सिलाई बैंड के पास बादल फटने से भारी तबाही मची है। यहां भूस्खलन के बाद 8-9 मजदूरों के लापता होने की सूचना है। मौके पर पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ ने रेस्क्यू शुरू कर दिया है।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड से 4 किलोमीटर आगे सिलाई बैंड के पास रात करीब 3 बजे बादल फटने की घटना हुई है। जिसके बाद से 8-9 मजदूरों की लापता होने की सूचना है। साथ ही करीब 10 मीटर यमुनोत्री हाइवे बह गया है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि सिलाई बैंड के पास एक होटल निर्माणाधीन है, जिसके मजदूर नजदीक कैंप में निवास कर रहे थे। कैंप में करीब 19 मजदूर थे, जिसमें 8-9 मजदूर लापता हैं। वहीं, भारी मलबा आने से सिलाई बैंड के पास करीब 10 मीटर नेशनल हाइवे का हिस्सा बह गया है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस की टीम मौके पर है और मजदूरों की तलाश जारी है। जिलाधिकारी आपदा परिचालन केंद्र से लगातार निगरानी कर रहे हैं।

कुथनौर गांव में भी बादल फटने से ग्रामीणों की क्षति हुई है। हालांकि किसी प्रकार की कोई जन या पशुहानि की सूचना नहीं है। यमुना नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यमुना नदी के किनारे बसे लोगों को अलर्ट किया गया है।

भारी बारिश से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नेताला बिशनपुर, लालढांग, नालूणा में भूस्खलन से बंद है। बारिश लगातार जारी है और सभी नदियां खतरें के निशान के पास बह रही हैं।

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बारिश से भारी नुकसान पहुंचा हुआ। शनिवार रात यमुनोत्री क्षेत्र में सिलाई बैंड के पास बादल फटने से भारी तबाही मची है। यहां भूस्खलन के बाद 8-9 मजदूरों के लापता होने की सूचना है। मौके पर पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ ने रेस्क्यू शुरू कर दिया है।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालीगाड से 4 किलोमीटर आगे सिलाई बैंड के पास रात करीब 3 बजे बादल फटने की घटना हुई है। जिसके बाद से 8-9 मजदूरों की लापता होने की सूचना है। साथ ही करीब 10 मीटर यमुनोत्री हाइवे बह गया है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि सिलाई बैंड के पास एक होटल निर्माणाधीन है, जिसके मजदूर नजदीक कैंप में निवास कर रहे थे। कैंप में करीब 19 मजदूर थे, जिसमें 8-9 मजदूर लापता हैं। वहीं, भारी मलबा आने से सिलाई बैंड के पास करीब 10 मीटर नेशनल हाइवे का हिस्सा बह गया है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस की टीम मौके पर है और मजदूरों की तलाश जारी है। जिलाधिकारी आपदा परिचालन केंद्र से लगातार निगरानी कर रहे हैं।

कुथनौर गांव में भी बादल फटने से ग्रामीणों की क्षति हुई है। हालांकि किसी प्रकार की कोई जन या पशुहानि की सूचना नहीं है। यमुना नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यमुना नदी के किनारे बसे लोगों को अलर्ट किया गया है।

भारी बारिश से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नेताला बिशनपुर, लालढांग, नालूणा में भूस्खलन से बंद है। बारिश लगातार जारी है और सभी नदियां खतरें के निशान के पास बह रही हैं।

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