हल्द्वानी हिंसा की होगी मजिस्ट्रेट जांच, मुख्य सचिव ने कुमाऊं कमिश्नर को सौंपी जांच, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

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HALDWANI/DEHRADUN:  हल्द्वानी के वनभूलपुरा इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान  भड़की हिंसा पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश के बाद ये आदेश जारी हुए हैं। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत इस जांच को करेंगे और 15 दिन के भीतर शासन को रिपोर्ट सौंपेंगे।

बता दें कि 8 फऱवरी को बनभूलपुरा इलाके में अतिक्रमणहटाने के दौरान प्रशासन की टीम पर पथराव हुआ, आगजनी हुई जिसके बाद पुलिस ने बचाव में गोलियां भी चलाई। इस हिंसा में 5 लोगों के मारे जाने की पुष्टि प्रशासन ने की है। एसएसपी नैनीताल प्रह्लाद मीणा ने कहा कि पुलिस ने 19 नामजद आरोपियों और 5000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी शुरू कर दी है। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और उपद्रवियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है

8फरवरी को हगुई हिंसा के बाद हल्द्वानी में कर्फ्यू लगा दिया गया था लेकिन धीरे धीरे अब तनावपूर्ण हालात सामान्य होते जा रहे हैं। हालांकि बनभूलपुरा क्षेत्र में अभी भी कर्फ्यू लगा है। एडीजी कानून एवं व्‍यवस्‍था अंशुमान ने कहा कि ‘हल्द्वानी में हालात बिल्कुल सामान्य हैं। बाहरी क्षेत्रों से कर्फ्यू हटा दिया गया है। केवल वनभूलपुरा क्षेत्र में कर्फ्यू जारी है। इस पूरे प्रकरण में 3 FIR  दर्ज़ की गई है, जिसमें 16 लोगों को नामजद किया गया है, बाकी अज्ञात हैं। 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस प्रकरण में प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई थी। डीएम वंदना के मुताबिक 30 जनवरी को प्रशासन की टीम ने बनभूलपुरा की रेकी थी और पत्थर जमा होने का अंदेशा मिला था। डीएम ने कहा कि स्थानीय लोगों ने घरों की छतो पर पत्थर पहल से जमा कर रखे थे, पेट्रोल बम की तैयारियां थी। लोगों ने प्रशासन की टीम पर पहले से ही हमले का प्लान बनाया था।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन ने एक्शन लेने में कोई जल्दबाजी दिखाई, किसके आदेश पर एक्शन लिया गया। जब हिंसा का अंदेशा पहले से था तो बिनी किसी तैयारियों के क्यों वहां टीम भेजी गई। ऐसे तमाम सवालों के जवाब भी इस जांच रिपोर्ट में मिलने सकते हैं।

 

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