तीर्थपुरोहितों ने पूर्व CM त्रिवेंद्र को नहीं करने दिए केदारनाथ के दर्शन तीखे विरोध के बाद काले झंडे दिखाए

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केदारनाथ धाम: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को आज केदारनाथ धाम में तीर्थपुरोहितों का विरोध झेलना पड़ा। तीखे विरोध औऱ नारेबाजी के बाद त्रिवेंद्र को बिना दर्शन किए ही केदारधाम से वापस लौटना (teerth purohit protest against ex cm Trivendra, shows black flag)  पड़ा। तीर्थपुरोहितों ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। पुरोहितों ने पूर्व सीएम के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत का भी वरोध किया। हालांकि धन सिंह रावत औऱ मदन कौशिक विरोध के बीच दर्शन करने में सफल रहे। पीएम के दौरे से ठीक पहले इस तरह का विरोध सरकार की चिंता बढ़ा रहा है।

सोमवार को पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचे। इसकी भनक लगते देवस्थानम एक्ट के विरोध में आंदोलनरत तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी एकत्रित हो गए। तीर्थ पुरोहितों ने पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत को केदारपुरी में नहीं घुसने दिया। प्रशासन ने काफी प्रयास किए। मगर, तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी नहीं माने। इसके बाद उन्हंने त्रिवेंद्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ लोग सड़कों पर लेट गए। मजबूरन त्रिवेंद्र सिंह रावत को केदार नाथ के दर्शन किए बिना वापस लौटना पड़ा।

तीर्थपुरोहितों का कहना है कि पूर्व सीएम ने एक साजिश के तहत देवस्थानम एक्ट लागू कराया। इसका हर स्तर पर विरोध होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदुओं को को सिर्फ वोट के लिए उपयोग करती है।

पीएम के दौरे को लेकर सरकार चिंतित
तीर्थपुरोहितों ने 30 अक्टूबर तक देवस्थानम बोर्ड पर फैसला करने के लिए सरकार को अल्टीमेटम दिया था। सरकार ने अभी तक इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया है। आगामी 5 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ धाम आने वाले हैं। पीएम के दौरे को लेकर ये अच्छा संकेत नहीं है। सरकार तमाम तैयारियों में जुटी है। लेकिन सोमवार को तीर्थपुरोहितो के तीखे विरोध के बाद सरकार भी मुश्किल में है कि कैसे पीएम के दौरे को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए।

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