मेडिकल कॉलेज छात्रा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, कार के अंदर मिली लाश, परिवार का का आरोप एचओडी ने किया उत्पीड़न

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्ापीो्हल:  देहरादून के श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में अंबाला की डॉक्टर तन्वी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। डॉ तन्वी ऑप्थैलमोलॉजी में एमएस कर रही थी। छात्रा के पिता ललित मोहन ने देहरादून के कोतवाली पटेल नगर, देहरादून में तहरीर देकर विभाग की वर्तमान विभागाध्यक्ष डॉक्टर प्रियंका गुप्ता पर मानसिक, आर्थिक और शैक्षिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है।

ड्राइविंग सीट पर अचेत पड़ी थी

ललित मोहन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 मार्च की रात 9:00 बजे: तन्वी ने फोन पर पिता को डॉक्टर प्रियंका की धमकियों और दुर्व्यवहार के बारे में विस्तार से बताया। 24 से 25 मार्च की रात देहरादून के लिए अंबाला से निकले। सुबह 3:00 बजे देहरादून पहुंचकर पिता ने देखा कि इंद्रेश अस्पताल वाली सड़क पर तन्वी की गाड़ी लॉक खड़ी थी। वह ड्राइविंग सीट पर अचेत अवस्था में थी। उन्होंने पत्थर से शीशा तोड़कर गाड़ी खोली। तन्वी की बाईं भुजा पर कैनुला और एक छोटी बोतल लगी हुई थी, जबकि सीटों पर कुछ इंजेक्शन बिखरे पड़े थे। उसे तत्काल इंद्रेश अस्पताल की इमरजेंसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

रिकॉर्डिंग से खुलेगा राज

पिता का दावा है कि उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी बेटी की मौत के लिए पूरी तरह से विभागाध्यक्ष जिम्मेदार हैं। पिता ने बताया कि उनके पास बेटी द्वारा 15 मार्च को एचओडी के साथ हुई बातचीत की वाइस रिकार्डिंग भी है जिसमें वह डॉक्टर तन्वी को फेल करने की धमकी दे रही हैं। यह 27 मिनट की वाइस रिकार्डिंग है। विभागाध्यक्ष तन्वी धमकी दे रही थी।

रिकार्डिंग में डॉक्टर तन्वी बोल रही हैं कि उन्होंने कभी क्लास मिस नहीं की लेकिन मैडम के बार-बार कहने पर वह कहती हैं कि शायद एक दिन क्लास मिस हुई थी लेकिन उस दिन भी कोई कंफ्यूजन था। तन्वी बोल रही है कि मैडम में किसी पालिटिक्स में इन्वाल्व नहीं होना चाहतीं हूं। बातचीत के कुछ हिस्सों में विभागीय असंतोष, ओटी (ऑपरेशन थिएटर) से जुड़े विवाद और सहकर्मियों के साथ कम्युनिकेशन गैप का भी जिक्र बताया जा रहा है। हालांकि, रिकॉर्डिंग के कई हिस्से अस्पष्ट हैं और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि नई एचओडी के आने के बाद ही ये सारा विवाद शुरू हुआ। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉक्टर तरन्नुम शकील को हटाकर डॉक्टर प्रियंका गुप्ता को नया मुखिया बनाया गया। आरोप है कि पद संभालते ही डॉक्टर प्रियंका ने तन्वी को पुरानी एचओडी से बात न करने की धमकी दी और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

मृतका के पिता का आरोप है कि तन्वी की पूर्व गाइड डॉक्टर शकील ने उसके काम को देखते हुए लाग बुक में अच्छे नंबर दिए थे, लेकिन वर्तमान एचओडी ने चिढ़कर उसे जीरो नंबर दे दिया। तहरीर में यह भी उल्लेख है कि डॉक्टर प्रियंका गुप्ता ने पिता से पैसों की मांग की थी और मांग पूरी न होने पर तन्वी को फाइनल में फेल करने की लगातार धमकियां दी जा रही थीं।

 

 

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