गृहमंत्री शाह बोले, उत्तराखंड की समस्याओं को चुन चुन कर हल कर रहे हैं धामी, 162 शरणार्थियों को मिली भारत की नागरिकता
HARIDWAR: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड सरकार के 4 साल साल पूरा होने पर आयोजित जन जन की सरकार कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने करीब 1130 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण भी किया। गृहमंत्री अमित शाह ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए 162 हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता के पत्र भी बांटे और ई-एफआईआर प्रणाली की शुरुआत की।
केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी लोगों खासकर अधिवक्ता वर्ग से अपील करते हुए कहा कि वो नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का जरूर अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के बनाए डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है, 2028 में नई न्याय संहिता के सभी प्राविधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक ओर वैज्ञानिक न्याय सहिंता करार दिया।

नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता
केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए पुष्कर सिंह धामी कठोर नकल विरोधी कानून लेकर आए हैं। जिससे रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम हुई है। वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमांत का पलायन रोकना है, उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेषकर लाभकारी होने जा रही है।

केंद्रीय गृह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी, डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद़ध होना जरूरी है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर 1129.91 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया । रुपये 1014.81 करोड़ की 22 योजनाओं का शिलान्यास और 115.10 करोड़ रुपये की 17 योजनाओं का लोकार्पण किया गया।
शरणार्थियों को मिली सिटीजनशिप
आयोजन के दौरान पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए 162 शरणार्थियों को भारत की नागरिकता का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इसमें पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित सिद्धपीठ हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी परिवार से जुड़े शैलेश, भट्टाग्राम, पाकिस्तान से आए जसपाल कुमार, कराची, पाकिस्तान में महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न से तंग आकर भारत आने वाले श्रीमती दुर्गानाथ टी. राजपूत और अफगानिस्तान से आई श्रीमती हंसेरी बाई को मंच पर नागरिकता का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से विंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे।
ई -जीरो एफआईआर का शुभारंभ
इस मौके पर गृहमंत्री ने उत्तराखंड में ई जीरो एफआईआर प्रणाली का भी शुभारंभ किया। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के अंतर्गत शुरू की जा रही ई-जीरो एफआईआर प्रणाली विशेष रूप से एक लाख से अधिक की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। अब 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें, देहरादून स्थित राज्य साइबर पुलिस स्टेशन में ई-जीरो एफआईआर के रूप में पंजीकृत होंगी और तत्पश्चात सीसीटीएनएस के माध्यम से संबंधित थाने को तत्काल प्रेषित की जाएंगी।
