चमोली में स्कूली बच्चों पर भालू का आतंक जारी, गोपेश्वर में स्कूल जा रहीं छात्राओं के पीछे दौड़ा भालू, एक बेहोश

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CHAMOLI: रोज वही कहानी…स्कूल जाते बच्चे, भालू का आतंक और आंखों में पसरता खौफ। चमोली जिले के स्कूलों में बच्चों पर भालू के हमले की 4 दिन में ये तीसरी घटना है। मंगलावर को गोपेश्वर में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के समीप स्कूल जा रही छात्राओं पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। घटना में छात्रा राधिका रावत बाल-बाल बच गईं, जबकि एक अन्य छात्रा भालू से बचने के प्रयास में भागते समय गिरकर घायल हो गई और बेहोश हो गई।

घटना के बाद दोनों छात्राओं को तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार दोनों छात्राओं की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। घटना के बाद से क्षेत्र में भालू की सक्रियता को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। अभिभावकों ने स्कूल के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, वन विभाग द्वारा नियमित गश्त बढ़ाने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन जंगली जानवरों की आवाजाही से छात्र-छात्राओं की जान खतरे में पड़ रही है, जिस पर प्रशासन को शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए। बता दें कि सोमवार को भी जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर में एक बच्चे को भालू झाड़ी में ले गया था, जबकि दूसरा भालू क्लासरूम के दरवाजे तक पहुंच गया था। आए दिन भालू के आतंक से स्कूली बच्चों में खौफ पसरा है।

वन्य जीवों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिले के सबी स्कूलों का प्रातः 10:00 बजे से अपरान्ह 03:00 बजे तक तथा सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन प्रातः 10:00 बजे से अपरान्ह 01:00 बजे तक किए जाने के आदेश दिए हैं। लेकिन इसका भी कोई असर होता नहीं दिऱ रहा है। ऐसे में लोगों का मानना है कि कुछ दिनों के लिए स्कूल बंद किए जाएं जिससे बच्चे सुरक्षित रह सकें।

 

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