धामी कैबिनेट के फैसले- दो महीने में उपनल कर्मियों के नियमितीकरण प्रक्रिया और वेतन तय करेगी उप-समिति

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DEHRADUN: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।  उत्तराखंड में देवभूमि परिवार योजना लागू करने के साथ उपनल कर्मियों के मानदेय तय करन के लिए कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया है। कैबिनेट में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगी।

देवभूमि परिवार योजना

कैबिनेट बैठक में देवभूमि परिवार योजना को लागू करने पर सहमति बनी है। योजना के तहत उत्तराखंड राज्य में निवास कर रहे परिवारों की पहचान के लिए परिवार की एक आईडी बनाई जाएगी। जिसमें राज्य सरकार से परिवारों के लाभ की पूरी जानकारी होगी।

उपनल कर्मियों के लिए बड़ा फैसला

कैबिनेट ने उपनलकर्मियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। उपनल कार्मिकों के नियमितीकरण और न्यूनतम वेतनमान तय करने के लिए मंत्रिमंडल की उप समिति गठित होगी, जो दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। ये समिति नियमितीकरण की कटऑफ डेट भी तय करेगी। ये भी फैसला लिया गया कि उपनल के माध्यम से अब विदेशों में भी नौकरी मिलेगी।

अन्य फैसले

-आपदा में मृतक आश्रितों को चार लाख के स्थान पर पांच लाख मिलेंगे। आपदा में पक्का मकान ध्वस्त होने पर पांच लाख का मुआवजा दिया जाएगा।

-टेंडर के दौरान बिड सिक्योरिटी के रूप में अभी बैंक गारंटी या एफडीआर लिए जाने की व्यवस्था है. ऐसे में भारत सरकार के निर्देश पर इंश्योरेंस सिक्योरिटी फॉर्म लिए जाने को विकल्प के रूप में शामिल किया गया है.

-उत्तराखंड बजट राजकोषीय नियोजन एवं संसाधन निदेशालय के ढांचे में संशोधन को मिली मंजूरी। जिसके तहत आउटसोर्स के जरिए एक अतरिक्त चालक को रखने पर मिली सहमति.

– उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के तहत सूचना प्रौद्योगिकी विंग को गठन को मिली मंजूरी। सूचना प्रौद्योगिकी विंग के लिए दो कंप्यूटर प्रोग्रामर और 2 कंप्यूटर सहायक पद को मिली मंजूरी.

– दैनिक वेतन/ कार्य प्रभारित/ संविदा/नियत वेतन/ अंशकालिक/ तदर्थ रूप में नियुक्त कार्मिकों के विनियमितिकरण संसोधन नियमावली 2025 के प्रख्यापन को मिली मंजूरी।

– केंद्र पोषित बागवानी मिशन योजना के तहत केंद्रांश के रूप में प्राप्त अनुदान सहायता 40 फ़ीसदी धनराशि का भुगतान राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा.

-इसके साथ ही स्थानीय निकायों में लोक स्वास्थ्य से संबंधित तमाम नीतियों के लिए पीएमयू के गठन को मंजूरी दी गई है। पीएमयू के गठन का उद्देश्य, नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यों का पर्यवेक्षण करना, केंद्रीय और राज्य वित्त आयोग की ओर से स्वास्थ्य के लिए प्राप्त धनराशि की मॉनिटरिंग, नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित मानव संसाधन उपलब्ध कराना एवं प्रशिक्षण देना और स्वास्थ्य संबंधित शहरी निकायों के तहत संचालित योजनाओं का पर्यवेक्षण करना है।

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