सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंड से रेफर की गई थी गर्भवती महिला, रास्ते में तोड़ा दम, स्वास्थ्य मंत्री ने लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए

Share this news

DEHRADUN: प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा है कि  टिहरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौंड में गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय उपचार न मिलना ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की घोर लापरवाही है। बता दें कि गर्भवती महिला को डॉक्टर उपलब्ध न होने के चलते सीएचसी चौंड से रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई थी। इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्री ने डीजी हेल्थ को लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाही करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि चिकित्सालय में चिकित्सकों की अनाधिकृत रूप से अनुपस्थिति के कारण गर्भवती महिला को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध न होने तथा हायर सेंटर रैफर करने पर रास्ते में गर्भवती की मृत्यु होने पर अनुपस्थित नियमित चिकित्सक एवं संविदा बॉण्डधारी चिकित्सक के खिलाफ त्वरित कार्रवाही करने के लिये स्वास्थ्य महानिदेशक डा. विनीता शाह को निर्देश दे दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रत्येक राजकीय चिकित्सा इकाई में चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, फार्मासिस्टों, मेडिकल स्टॉफ सहित अन्य स्टॉफ की उपस्थिति सुचिश्चित करने के लिये बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी, जिसके आधार पर ही कार्मिकों का वेतन आहरित किया जायेगा। मरीजों के उपचार व स्वास्थ्य देखभाल को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

अब जागी सरकार

चौंड सीएचसी में डॉक्टरों की लापरवाही का मुद्दा विधानसभा सत्र में भी उठा था, इस पर डॉ धन सिंह का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौंड में चिकित्सकों के नौ पद सृजित हैं, जिनके सापेक्ष चिकित्सालय में तीन चिकित्सक तैनात हैं। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय टिहरी व आस-पास के अस्पतालों से रोटेशन के आधार पर स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती चिकित्सालय में सप्ताह में तीन दिन के लिये कर दी गई है। स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधा व उपचार मिल सकेगा। डा. रावत ने बताया कि सरकार प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को दूर करने में जुटी है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग को करीब 350 नए बॉडधारी चिकित्सक मिल जायेंगे, जिनकी तैनाती सुदूर व पर्वतीय क्षेत्रों के चिकित्सा इकाईयों की जायेगी।

(Visited 178 times, 1 visits today)

You Might Be Interested In