आतंकियों से मुठभेड़ में उत्तराखंड का सपूत संजय रजौरी में शहीद, नैनीताल में शोक की लहर

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NAINITAL: सैन्यधाम उत्तराखंड का एक लाल और देश के लिए शहीद हो गया। इस दुःखद खबर से सारा प्रदेश शोक में है। जम्मू कश्मीर के राजौरी में आतंकियों के साथ चल रही मुठभेड़ में नैनीताल के लाल संजय बिष्ट की शङादत से क्षेत्र में शोक की लहर है।

राजौरी में रविवार से सुरक्षाबलों की आतंकियो से मुठभेड़ जारी है। बुधवार को मुठभेड़ में सेना के दो अफसर और दो जवान शहीद हुए हैं, उनमें उत्तराखंड में नैनीताल के रातीघाट के हली गांव का रहने वाले वीर जवान संजय बिष्ट भी हैं।

2012 में हुए थे भर्ती

संजय के भाई नीरज बिष्ट ने बताया कि संजय 2012 में आर्मी में भर्ती हुआ था। कल रात ही उसकी परिवार से फोन पर बात हुई थी। संजय 15 दिन पहले ही घर से पोस्ट पर वापस लौटा था। संजय के परिवार में पिता दीवान सिंह बिष्ट, माँ मंजू बिष्ट, बहन ममता बिष्ट, विनीत बिष्ट हैं। अविवाहित संजय की राजौरी जिले में आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान सेना के 2 कैप्टन समेत चार जवान शहीद हो गए। जिसमे उनका भाई भी है

लश्कर कमांडर मारा गया

इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को गुरुवार को बडी कामयाबी मिली, जिसमें सेना ने लश्कर कमांडर क्वारी को मार गिराया। क्वारी लश्कर का कमांडर था औऱ उसे पाक और अफगान मोर्चे के लिए ट्रेंड किया गया था। क्वारी पिछले एक साल से अपने ग्रुप के साथ राजौरी-पुंछ में सक्रिय है। उसे डांगरी और कंडी हमलों का मास्टरमाइंड भी माना जाता है। उसे क्षेत्र में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए भेजा गया था। वह IED में एक्सपर्ट हैं, गुफाओं से छिपकर काम करता था और एक प्रशिक्षित स्नाइपर भी था।

 

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