बॉबी पंवार को 5 दिन बाद भी नहीं मिली जमानत, अब कल होगी बेल पर सुनवाई, शहीद स्थल पर युवाओं का सत्याग्रह जारी

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DEHRADUN:  भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर युवाओं के आंदोलन के बीच बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार को पांचवें दिन भी जमानत नहीं मिली है। बॉबी पंवार समेत सभी 13 युवाओं की जमानत को लेकर एसीजेएम- प्रथम कोर्ट में अर्जी लगाई गई है। इस मामले पर अब कल सुनवाई होगी। इस बीच घोटालों की सीबीआई जांच की मांग औऱ बॉबी व अन्य साथियों की रिहाई की मांग को लेकर शहीद स्थल कचहरी परिसर में युवाओं का आंदोलन चौथे दिन भी जारी है। no bail for bobby panwar after 5 days, youth protest continues

9 फरवरी को युवाओं के वनिशाल प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज औऱ पत्थऱबाजी की घटना हुई थी। पुलिस ने पत्थरबाजी और उपद्रव के आरोपी बॉबी पंवार समेत सभी 13 युवाओं को गिरफ्तार किया था। बॉबी की जमानत के लिए एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में अर्जी लगाई गई है। मामले में आज सुनवाई हुई लेकिन पुलिस ने केस डायरी और आईओ की रिपोर्ट देने के लिए 5 दिन का समय कोर्ट से मांगा। इस पर कोर्ट ने पुलिस को कल तक का समय दिया।

उधर कचहरी परिसर के शहीद स्थल पर युवाओं का सत्याग्रह चौथे दिन भी जारी है। युवाओं का कहना है कि जब तक बॉबी पंवार और अन्य साथियों की रिहाई नही हो जाती तब तक वे यहां से नहीं हिलेंगे। युवाओं ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार तमाम भर्ती घोटालों  की सीबीआई जांच कराए और तत्काल बेरोजगार संघ के साथियों को रिहा करे।

बॉबी ने जेल से बताया युवा क्यों हुए आक्रोशित

जेल में बंद उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने डीजीपी को पत्र लिखा है। उनसे मिलने गईं महिला वकील के जरिये भेजे पत्र में बॉबी ने पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि आठ फरवरी की रात पुलिस कार्रवाई का वीडियो वायरल होने से आक्रोशित युवा सड़क पर उतरे थे। बॉबी के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में कोई मांग नहीं लिखी गई है। अधिवक्ता प्रियंका रविवार को उनसे मिलने जेल गई थीं। लौटकर वह धरनास्थल पर भी आईं। प्रियंका ने पत्र दिखाते हुए कहा कि यह बॉबी ने जेल में लिखा है। इसमें नीचे गणेश धामी का नाम भी लिखा है। बॉबी ने लिखा है कि आठ फरवरी के आंदोलन के बारे में उन्होंने सात को ही सिटी मजिस्ट्रेट को बता दिया था। उन्होंने युवाओं के साथ मिलकर गांधी पार्क के सामने प्रदर्शन किया। रात में युवा अपने-अपने बिस्तर पर थे। बॉबी का कहना है कि आठ फरवरी के आंदोलन के बारे में उन्होंने सात को ही सिटी मजिस्ट्रेट को बता दिया था। आठ फरवरी की रात करीब 12 बजे कुछ पुलिसकर्मी आए और युवाओं को हटाने लगे। बल प्रयोग भी किया। पुलिस टीम के साथ महिला कांस्टेबल नहीं थीं। कार्रवाई का वीडियो वायरल हुआ तो युवा आक्रोशित हो गए और अगले दिन सड़क पर उतर गए। प्रियंका ने कहा कि इस पत्र को वह डीजीपी अशोक कुमार को देंगी।

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