एक तरफ विधानसभा में गुलदार भालू पर सवाल, दूसरी तरफ पौड़ी में मिस्त्री को बनाया निवाला, लोगों में आक्रोश
PAURI: जंगली जानवरों के आतंक से आम जन लहू लुहान है। एक तरफ विधानसभा में वन मंत्री मानव वन्यजीव संघर्ष पर आंकड़ों की लफ्फाजी कर रहे थे, उसी वक्त पौड़ी जनपद के जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार ने एक वयक्ति को अपना शिकार बना लिया। लीसा महोत्सव में ठुमके लगाने वाले वन विभाग और डीएफओ की संवेदनहीनता देखिए कि घटना की सूचना मिलने के दो घंटे बाद भी वनकर्मी घटनास्थल तक नहीं पहुंचे थे। लिहाजा विभाग के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार जामलाखाल के चिवलु गांव निवासी 48 वर्षीय प्रकाश लाल मिस्त्री का कार्य करते थे। सोमवार की शाम प्रकाश काम खत्म कर बालमाणा गांव से अपने घर के लिए लौट रहे थे। तभी पटवारी चौकी के पास घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। गुलदार के हमला करते ही प्रकाश अपनी जान बचाने के लिए छटपटाते रहे लेकिन वह अपनी जान बचाने में असफल रहे। प्रकाश बीते रात तक जब घर नहीं लौटे तो ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन शुरू की इसके पश्चात आज मंगलवार की सुबह खोजबीन के दौरान उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ।
घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बरकरार है वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति नाराजगी जताते हुए मांग की है कि आदमखोर गुलदार को जल्द पकड़कर पिंजरे में कैद किया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना मिलन के दो घंटे बाद भी विभाग के कर्मचारी अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाए, लिहाजा लोगों में आक्रोश है।
