विभागीय अफसरों ने सरकार को दिखाया आईना, उद्यान निदेशक बवेजा के साथ काम नहीं करेंगे अफसर, सचिव को लिखी चिट्ठी
DEHRADUN: भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे उद्यान निदेशक डॉ हरमिंदर सिंह बवेजा के खिलाफ अब विभागीय कर्मचारियों ने ही मोर्चा खोल दिया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कृषि सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि बवेजा ने विभाग में अव्यवस्थाएं फैल दी है, इन हालातों में उनके साथ काम करना संभव नहीं है।
दरअसल उद्यान विभाग में बीज खरीद और महोत्सवों के नाम पर पैसे की लूट के मामले में निदेशक हरमिंदर बवेजा सवालों के घेरे में हैं। बवेजा के खिलाफ मंत्री गणेश जोशी ने जांच बिठाई थी और 15 दिन में उसकी रिपोर्ट मांगी थछी, लेकिन एख महीने से ज्यादा वक्त बीत गया और अभी तक कोई एक्शन नहीं हुआ। अब उद्यान विभाग के करीब 2 दर्जन कर्मचारियों और अफसरों ने कृषि सचिव को पत्र लिखा है कि अब बवेजा के साथ काम कर पाना मुमकिन नहीं।
पत्र में लिखा है, कि निदेशक बवेजा द्वारा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर नियमों के विपरीत जाकर काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। जिससे विभाग में भारी अव्यवस्थाएं फैल गई हैं और इसका विपरीत असर किसानों पर भी पड़ रहा है। निदेशख की विकृत कार्यशैली के कारण विभाग के कर्मचारी और अधिकारी काम करने में असहज महसूस कर रहे हैं। इसलिए बवेजा के पद पर रहने की स्थिति में उनके साथ अधिकारियों का काम कर पाना संभव नहीं है। खास बात ये है कि इस चिट्ठी को लिखने वालों में अपर उद्यान निदेशक और कई जिलों के उद्यान अधिकारी भी शामिल हैं।

देवभूमि डायलॉग लगातार बवेजा के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करता आ रहा है। बवेजा के खिलाफ मंत्री ने जांच तो बिठाई लेकिन लगता है कि उस जांच का फॉलोअप लेना भूल गए हैं। अब सवाल उठता है कि जब विभाग के कर्मचारी ही बवेजा के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं, तो विभागीय मंत्री बवेजा पर कार्रवाई से क्यों डर रहे हैं? बवेजा के खिलाफ कर्मचारियों की बगावत ने न सिर्फ बवेजा की पोल खोली है बल्कि सरकारको भी आईना दिखा दिया है। अब देखना होगा कि बवेजा के खिलाफ विभागीय अधिकारियों के मोर्चा खोलने के बाद सरकार बवेजा पर क्या एक्शन लेती है।
