पूर्व सैनिकों के लिए CM  की सौगात, खटीमा में सीएसडी कैंटीन और सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण

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KHATIMA:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन एवं 162.26 लाख रुपये से निर्मित सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण किया।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का लोहियाहेड स्थित हैलीपेड पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद सीएम धामी खेतलसंडा खाम स्थित नवनिर्मित सीएसडी कैंटीन पहुंचे। जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा अर्चना कर करोड़ों की लागत से बनी सीएसडी कैंटीन व सैनिक मिलन केंद्र का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने 60 वीर नारियों एवं 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया। इससे पूर्व सीएम धामी ने सैन्य अधिकारियों के साथ सीएसडी कैंटीन का निरीक्षण करने के साथ खरीददारी भी की। इस दौरान सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में मौजूद वीर नारियों व वीर सैनिकों को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिंह प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया।

पिता को याद किया

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है, क्योंकि यह आयोजन उनके पिताजी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी अपनी वर्दी को अत्यंत सम्मान और सलीके से रखते थे। उनसे उन्हें यह सीख मिली कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी ही उसका सम्मान और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिताजी ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।

सीएम धामी ने कहा कि जब वह पहली बार खटीमा से विधायक चुने गए थे, तभी उन्होंने यहां कैंटीन निर्माण कराए जाने की मन में साध ली थी। क्योंकि सीमांत क्षेत्र में 9 हजार से अधिक सैनिक व पूर्व सैनिक परिवार रहते है। आज का दिन उनके लिए सबसे बड़ा दिन है, क्योंकि जो सपना उन्होंने सोचा था, वह आज सीएसडी कैंटीन के रुप में पूरा हो गया। इसका भव्य शुभारंभ भी हुआ है।

 

 

 

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