संन्यास के बयान के बाद अजेंद्र अजय की पार्टी अध्यक्ष को चुनौती, किस बात की कार्रवाई करोगे?

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DEHRADUN: बीकेटीसी के पर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता अजेंद्र अजय की सोशल मीडिया पोस्ट से इन दिनों उत्तराखंड बीजेपी में घमासान मचा है। अजेंद्र ने संन्यास लेने की बात कही थी, जिस पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने अनुशासन में रहने की सलाह और कार्रवाई की धमकी तक दे डाली। अजेंद्र ने भी पार्टी अध्यक्ष को चैलेंज कर दिया कि आखिर किस बात की कार्रवाई की बात कर रहे हो।

बता दें कि दो दिन पहले अजेंद्र अजय ने फेसबुक पर लिखा था कि, “उत्तराखंड में वर्तमान में जिस प्रकार का राजनीतिक परिदृश्य देखने को मिल रहा है, उससे राजनीति के प्रति मोहभंग सा होता जा रहा है। व्यथित होने की परिस्थितियां तब उत्पन्न हो रही हैं, जब हम विपरीत कार्यों के साथ दिखाई पड़ रहे हैं और उनके प्रति हमारा मौन समर्थन प्रकट हो रहा है। ऐसी परिस्थितियों में राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं दिखाई पड़ता है।”

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सवाल उठने लगे थे कि आखिर अजय को पार्टी में किस बात की नाराजगी है। क्या पार्टी किसी सिद्धांत से भटक रही है। इस मामले पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट कि भी प्रतिक्रिया आई है। महेंद्र भट्ट ने कहा कि,
सोशल मीडिया पर व्यक्ति कुछ भी लिखता है, सबको अनुशासन के दायरे में रहना चाहिए। और अगर किसी के द्वारा अनुशासनहीनता होती है तो पार्टी उस पर कड़ी कार्रवाई करेगी। सोशल मीडिया पर अपना दुखड़ा रोना की मैं परेशान हूं दुखी हूं, ये व्यक्तिगत है लेकिन पार्टी की विचारधारा पर कटाक्ष करने वाला भाजपा का कार्यकर्ता हो ही नहीं सकता।

महेंद्र भट्ट कि धमकी पर अजेंद्र अजय ने पलटवार करते हुए पूछा कि आखिर आप किस बात की कार्रवाई करोगे? उन्होंने लिखा है, माननीय प्रदेश अध्यक्ष जी आज पूर्वाह्न मेरे मोबाइल पर आपकी दो मिस कॉल आई थी। उसके पश्चात मैंने आपको कॉल किया। फोन पर लगभग 3 मिनट की वार्ता के दौरान मैंने आपसे अपना विषय रखने का प्रयास किया। मगर दुर्भाग्य की बात है कि सोशल मीडिया व मीडिया में आपका जो बयान आया है वो अत्यधिक आपत्तिजनक है। मैंने कहां पर कहा है कि मैं दुखी हूं, परेशान हूं? सारी डिटेल्स सोशल मीडिया पर साझा करना मेरे जैसे व्यक्ति के लिए नीचता की हद होगी।

दूसरी बात, अनुशासनात्मक कार्रवाई किस बात के लिए करेंगे आप? जब मैं स्वयं कह चुका हूं कि ऐसीपरिस्थितियों में संन्यास ही उचित विकल्प है ।

इन आरोप प्रत्यारोप के बीच ऐसा लगता है कि ये कूल्ड वार अभी थमने वाला नहीं है। बता दें कि अंकिता केस में उर्मिला सनावर द्वारा वीआईपी का खुलासा करने के बाद भी अजेंद्र अजय ने आरोपित पार्टी नेताओं को जांच पूरी होने तक पद छोड़ने की कड़ी सलाह दी थी। इसके अलावा महेंद्र भट्ट को भी बेवजह बयानबाजी से बचने की सलाह दी थी। अब एक बार फिर अजेंद्र और महेंद्र आमने सामने हैं।

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