केदारनाथ में डिजीटल दान के लिए QR कोड लगाने वालों पर केस दर्ज, बड़ा सवाल भक्तों को किसने लगाया चूना?
KEDARNATH: क्या केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में ऑनलाइन दान के नाम पर श्रद्धालुओं से फ्रॉड हुआ है? दोनों धामों में डिजीटल पेमेंट के लिए लगाए गए बड़े क्यू आर कोड को लेकर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर भक्त और स्थानीय लोग सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। मंदिर समिति का कहना है कि ये क्यू आर कोड समिति की ओर से नहीं लगाए गए हैं, और इसकी जांच करवाने के आदेश दिए गए हैं। मंदिर समिति को इसकी जानकारी भी नहीं थी। मंदिर समिति की शिकायत पर बदरीनाथ में क्यूआर कोड लगाने वाले अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। अब सवाल उठता है कि क्या बदरी केदार आने वाले हजारों श्रद्धालुओं और घर बैठे भक्तों ने भी क्यू आर कोड स्कैन करके जो दान किया होगा वो किसके खाते में गया? क्या भक्तों के साथ कोई ठगी की गई है?
ये था मामला
दरअसल, केदारनाथ धाम के मुख्य प्रवेश द्वार पर बड़ा सा बारकोड लगा था, तब पेटीएम की ओर से कहा गया था कि देश के कई बड़े मंदिरों में डिजीटल दान को लेकर ऐसी पहल की गई है। लेकिन जब इस कोड को स्कैन किया जाता है तो उसमें श्री केदारनाथ मंदिर का नाम दिखता है। जाहिर है बाबा के धाम पहुंचे श्रद्धालु और घऱ बैठे भी करोड़ों भक्त बाबा के प्रति आस्था दिखाते हुए कोड स्कैन करके डिजीटल दान से परहेज नहीं करेंगे। हालांकि मंदिर के मुख्य द्वार पर क्यू आर कोड लगाने का विरोध भी हुआ था। बात बड़ी तो बदरी केदार मंदिर समिति जागी और अपनी सफाई दी।
समिति ने नहीं लगाया क्यूआर कोड
दो दिन तक यह क्यूआर कोड मंदिरों में लगे रहे। चौंकाने वाली बात ये कि मंदिर समिति को इसके बारे में पता ही नही चला, जबकि समिति के कर्मचारी सभी धामों में दिन रात मौजूद रहते हैं। विवाद बढ़ने पर समिति के अधिकारी-कर्मचारियों ने इन क्यूआर कोड के होर्डिंग को उतार दिया है। समिति ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि ये क्यूआर कोड हमारी तरफ से नही लगाए गए हैं, जिसने भी लगाए हैं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तहरीर दी गई है। लेकिन चिंता की बात ये है कि अब तक कई भक्त क्यू आर कोड स्कैन करके पेमेंट कर चुके हैं। उनकी आस्था पर ये बहुत बड़ा झटका होगा

इस मामले पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम के पास चंदा मांगने के लिए बिना अनुमित लगाये गये क्यूआर कोड के संबंध में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है। श्री केदारनाथ धाम में भी ऐसा प्रकरण प्रकाश में आया है, जिस सम्बन्ध में शीघ्र ही मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
